वंदे भारत स्लीपर में नहीं होगी आरएसी, न्यूनतम किराया 400 किमी के लिए लागू होगा : रेलवे बोर्ड

वंदे भारत स्लीपर में नहीं होगी आरएसी, न्यूनतम किराया 400 किमी के लिए लागू होगा : रेलवे बोर्ड

वंदे भारत स्लीपर में नहीं होगी आरएसी, न्यूनतम किराया 400 किमी के लिए लागू होगा : रेलवे बोर्ड
Modified Date: January 13, 2026 / 08:11 pm IST
Published Date: January 13, 2026 8:11 pm IST

नयी दिल्ली, 13 जनवरी (भाषा) रेलवे बोर्ड ने एक परिपत्र में कहा है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में आरएसी या आंशिक रूप से कन्फर्म टिकटों का कोई प्रावधान नहीं होगा और न्यूनतम 400 किलोमीटर की दूरी के लिये शुल्क लगेगा। रेलवे बोर्ड ने एक परिपत्र में यह जानकारी दी।

वंदे भारत ट्रेन के पहले शयनयान संस्करण को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 17 जनवरी को गुवाहाटी-कोलकाता मार्ग पर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाना है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक जनवरी, 2026 को दोनों स्टेशनों के बीच एसी 1, एसी 2 और एसी 3 – तीनों श्रेणियों के लिए संभावित किरायों की घोषणा की थी।

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नौ जनवरी को जारी परिपत्र में किराया संरचना का विस्तृत विवरण दिया गया है, जिसके अनुसार एक यात्री को एसी 1, एसी 2 और एसी 3 श्रेणियों में क्रमशः 1,520 रुपये, 1,240 रुपये और 960 रुपये का भुगतान करना होगा, चाहे यात्रा की दूरी एक किमी से 400 किमी के बीच कितनी भी हो।

परिपत्र के अनुसार, 400 किलोमीटर से अधिक दूरी के लिए, शुल्क की गणना प्रति किलोमीटर के आधार पर की जाएगी, जिसमें एसी 1 के लिए 3.20 रुपये, एसी 2 के लिए 3.10 रुपये और एसी 3 के लिए 2.40 रुपये होंगे।

बोर्ड के परिपत्र में कहा गया, “लागू होने पर माल एवं सेवा कर अलग से लगाया जाएगा। न्यूनतम शुल्क योग्य दूरी 400 किमी होगी। किराया मौजूदा नियमानुसार पूर्णांक (राउंड ऑफ) किया जाएगा। इस ट्रेन के लिए केवल कन्फर्म टिकट ही जारी किए जाएंगे। तदनुसार, ‘रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन’(आरएसी)/प्रतीक्षा सूची/आंशिक रूप से कन्फर्म टिकटों का कोई प्रावधान नहीं होगा।”

इसमें आगे कहा गया है, “समय-समय पर जारी मौजूदा निर्देशों के अनुसार केवल महिला आरक्षण, दिव्यांगजनों (पीडब्ल्यूडी) के लिए आरक्षण, वरिष्ठ नागरिक आरक्षण और ड्यूटी पास आरक्षण ही लागू होगा। इस ट्रेन में कोई अन्य आरक्षण कोटा लागू नहीं होगा।”

बर्थ आवंटन के संदर्भ में इसमें कहा गया, “यदि कोई यात्री ऐसे बच्चे के साथ यात्रा कर रहा है जिसके लिए अलग बर्थ की आवश्यकता नहीं है, तो सिस्टम उपलब्धता के आधार पर नीचे की बर्थ आवंटित करेगा। 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के पुरुष यात्रियों और 45 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिला यात्रियों के लिए, सिस्टम उपलब्धता और सीटों की संख्या के आधार पर स्वचालित रूप से नीचे की बर्थ आवंटित करने का प्रयास करेगा।”

इसमें कहा गया, “टिकट रद्द करने के 24 घंटों के भीतर रिफंड की प्रक्रिया शुरू करने के लिए, सभी भुगतान केवल डिजिटल माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। काउंटर पर टिकट खरीदते समय, भुगतान का पसंदीदा तरीका डिजिटल ही होगा। यदि कोई ग्राहक डिजिटल भुगतान करने में असमर्थ है, तो रद्द करने पर रिफंड सामान्य शर्तों के अनुसार किया जाएगा।”

अधिकारियों ने कहा कि वाणिज्यिक परिपत्र में मामूली संशोधन हो सकते हैं, जिनका विवरण आम जनता को सूचित किया जाएगा।

जब नियमित यात्रियों के लिए ट्रेन के व्यावसायिक संचालन के बारे में पूछा गया, तो अधिकारियों ने कहा कि यह लॉन्च के तुरंत बाद शुरू हो सकता है, और इसका विवरण एक आधिकारिक परिपत्र के माध्यम से जारी किया जाएगा।

भाषा

प्रशांत नरेश

नरेश


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