Kill Switch Starlink: ईरान में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस Starlink बंद, जानें एक क्लिक में कैसे लगाई रोक

Kill Switch Starlink : प्रदर्शनकारी इसे सेंसरशिप से बचने का आखिरी रास्ता मान रहे थे लेकिन Starlink को ब्लॉक करने के बाद प्रदर्शनकारियों का न सिर्फ आपसी में कांटेक्ट टूट गया, बल्कि इंटरनेशनल मीडिया तक जानकारी पहुंचना भी काफी ज्यादा मुश्किल हो गया।

Kill Switch Starlink: ईरान में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस Starlink बंद, जानें एक क्लिक में कैसे लगाई रोक

Kill Switch Starlink, image source: zimcelebs_official instagram)

Modified Date: January 13, 2026 / 08:29 pm IST
Published Date: January 13, 2026 8:24 pm IST
HIGHLIGHTS
  • ईरान ने 'किल स्विच' से बंद किया स्टारलिंक इंटरनेट
  • जीपीएस और फ्रीक्वेंसी सिग्नल जाम करके रोका कनेक्शन
  • सूचना प्रवाह बाधित होने से प्रदर्शनकारियों का टूटा संपर्क

नई दिल्ली: ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच इंटरनेट पर नियंत्रण अपने सबसे कड़े दौर में पहुंच गया है। (Kill Switch Starlink) पहले रेगुलर नेटवर्क बंद किए गए थे और अब सरकार ने सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस Starlink को भी रोक दिया है। यह कदम तथाकथित ‘किल स्विच’ स्ट्रेटेजी के तहत उठाया गया, जिससे कुछ ही पलों में Starlink इनएक्टिव हो गया।

Starlink, जो SpaceX की सर्विस है, जमीन पर मौजूद नेटवर्क पर डिपेंड नहीं है। यही वजह है कि प्रदर्शनकारी इसे सेंसरशिप से बचने का आखिरी रास्ता मान रहे थे लेकिन Starlink को ब्लॉक करने के बाद प्रदर्शनकारियों का न सिर्फ आपसी में कांटेक्ट टूट गया, बल्कि इंटरनेशनल मीडिया तक जानकारी पहुंचना भी काफी ज्यादा मुश्किल हो गया।

‘किल स्विच’ कैसे काम करता है?

ईरानी एजेंसियों ने सीधे Starlink के सर्वर को नहीं, बल्कि उसके काम करने की प्रक्रिया को निशाना बनाया। GPS लोकेशन और फ्रीक्वेंसी सिग्नल्स को जाम कर दिया गया, जिससे यूजर टर्मिनल सैटेलाइट से कनेक्ट नहीं हो पाए। (Kill Switch Starlink) इस प्रक्रिया में किसी टावर या तार को नुकसान नहीं पहुंचाया गया, बल्कि एक डिजिटल स्विच ऑन कर इंटरनेट ठप कर दिया गया।

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एक क्लिक में पूरी कनेक्टिविटी बंद

जानकारी के अनुसार, पहले मोबाइल डेटा, ब्रॉडबैंड और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक किया गया। (Kill Switch Starlink) जब लोग Starlink का सहारा लेने लगे तो सरकार ने स्पेक्ट्रम कंट्रोल और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर टूल्स का इस्तेमाल कर सैटेलाइट लिंक को भी बंद कर दिया। इसी वजह से इसे ‘वन-क्लिक किल स्विच’ कहा जा रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसी कारण इसे ‘वन-क्लिक किल स्विच’ कहा जा रहा है, क्योंकि सेंट्रल सिस्टम से पूरे एरिया में एक साथ इंटरनेट ब्लॉक किया जा सकता है।

Starlink क्यों था सरकार के लिए चुनौती?

SpaceX की यह सर्विस जमीन पर मौजूद नेटवर्क पर निर्भर नहीं करती। (Kill Switch Starlink) प्रदर्शनकारी इसे सेंसरशिप से बचने का आखिरी विकल्प मान रहे थे। लेकिन Starlink ब्लॉक होने के बाद उनका आपसी संपर्क टूट गया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया तक जानकारी पहुंचाना भी बेहद मुश्किल हो गया।

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लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com