कोलकाता में शहीद दिवस पर तीन प्रतिद्वंद्वी गुटों के अलग-अलग कार्यक्रम

कोलकाता में शहीद दिवस पर तीन प्रतिद्वंद्वी गुटों के अलग-अलग कार्यक्रम

कोलकाता में शहीद दिवस पर तीन प्रतिद्वंद्वी गुटों के अलग-अलग कार्यक्रम
Modified Date: July 21, 2026 / 11:42 am IST
Published Date: July 21, 2026 11:42 am IST

कोलकाता, 21 जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल में राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले ‘शहीद दिवस’ का आयोजन मंगलवार को एक अभूतपूर्व दौर में पहुंच गया, जब तीन प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक खेमे मध्य कोलकाता में महज ढाई किलोमीटर के दायरे में समानांतर कार्यक्रम आयोजित करने जा रहे हैं।

इसके साथ ही यह वार्षिक स्मृति दिवस विरासत, संगठनात्मक ताकत और राजनीतिक प्रासंगिकता साबित करने की प्रतिस्पर्धा में बदल गया है।

कार्यक्रमों के शुरू होने से कुछ घंटे पहले, पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी बिड़ला तारामंडल के पास अपने गुट के कार्यक्रम स्थल पर रात भर रहीं। दरअसल, ममता के गुट ने आरोप लगाया था कि कार्यक्रम को बाधित करने के प्रयास में ‘भाजपा समर्थित बदमाशों’ ने मंच, बैनर और ध्वनि प्रणाली में तोड़फोड़ की।

अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ’ब्रायन, कल्याण बनर्जी और डोला सेन समेत वरिष्ठ नेताओं के साथ ममता बनर्जी पूरी रात कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहीं, जबकि पार्टी कार्यकर्ता मंगलवार सुबह तक मंच की सुरक्षा में तैनात रहे।

ममता बनर्जी ने मध्यरात्रि के करीब कार्यक्रम स्थल पर समर्थकों को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि 1993 की पुलिस गोलीबारी में मारे गए लोगों के परिवारों और कार्यकर्ताओं को इस कार्यक्रम में शामिल होने से रोका जा रहा है।

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया, ‘हमारे कार्यकर्ताओं को बैठक में आने से रोका जा रहा है। पुलिस द्वारा शहीदों के परिवारों को डराया-धमकाया जा रहा है। हमारे मंच पर तोड़फोड़ की गई है, बैनर फाड़ दिए गए हैं और बिजली तथा माइक की लाइन काट दी गई हैं। अदालत के आदेश पर बाहर आए एक अपराधी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के करीब 60-65 समर्थित गुंडों ने इस हमले को अंजाम दिया है।’’

हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है।

राज्य के मंत्री दिलीप घोष ने सवाल उठाया कि तृणमूल कांग्रेस के नेता सोमवार रात से ही कार्यक्रम स्थल पर डेरा क्यों डाले हुए थे।

घोष ने कहा, ‘यह शहीदों के सम्मान का कार्यक्रम होना चाहिए, न कि कोई विरोध प्रदर्शन का मंच। वे वहां पूरी रात बैठ सकते हैं, लेकिन अब कोई उनके साथ नहीं है। उन्होंने शहीदों, उनके परिवारों और आखिरकार जनता के साथ विश्वासघात किया है।’

वर्ष 1993 में राइटर्स बिल्डिंग्स तक मार्च के दौरान पुलिस गोलीबारी में युवा कांग्रेस के 13 कार्यकर्ताओं की मौत की याद में ममता बनर्जी द्वारा 1994 से यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

कांग्रेस भी मध्य कोलकाता में महात्मा गांधी की प्रतिमा से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित लगभग 200 साल पुरानी और 157 फीट ऊंची ‘शाहिद मीनार’ पर एक कार्यक्रम आयोजित करेगी।

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस बिड़ला तारामंडल के पास अपना कार्यक्रम आयोजित करेगी, जबकि खुद को ‘‘अविभाजित’’ या ‘‘असली तृणमूल कांग्रेस’’ बताने वाला बागी गुट यहां से करीब दो किलोमीटर दूर मेयो मार्ग पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास एक समानांतर कार्यक्रम आयोजित करेगा।

भाषा प्रचेता शफीक

शफीक


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