फर्जी भारतीय दस्तावेजों के साथ देहरादून में रह रही किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान की तीन महिलाएं गिरफ्तार
फर्जी भारतीय दस्तावेजों के साथ देहरादून में रह रही किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान की तीन महिलाएं गिरफ्तार
देहरादून, 29 मार्च (भाषा) फर्जी भारतीय दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से देहरादून में रह रही तीन विदेशी महिलाओं को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि राज्य में बाहरी एवं संदिग्ध लोगों की तलाश के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन क्रैकडाउन’ के तहत रायपुर क्षेत्र से गिरफ्तार की गयी विदेशी महिलाओं में से दो उज्बेकिस्तान तथा एक अन्य किर्गिस्तान की रहने वाली है।
पुलिस के मुताबिक, सांई कॉम्पलैक्स के एक फ्लैट में रह रहीं इन तीनों महिलाओं के पास मौजूद भारतीय दस्तावेज फर्जी पाए गए। इस पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेते हुए उनसे सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने अपनी नागरिकता का खुलासा किया।
गिरफ्तार महिलाओं की पहचान किर्गिस्तान की रहने वाली एरिका (29) तथा उज्बेकिस्तान की रहने वाली करीना (30) और निगोरा नीम (32) के रूप में हुई है ।
पुलिस ने बताया कि तलाशी के दौरान उनके कब्जे से एक पासपोर्ट, तीन आधार कार्ड, दो पैन कार्ड, किर्गिस्तान का एक पहचान पत्र, एक आधार कार्ड की फॉटोकॉपी, दो बैंक पासबुक, सात मोबाइल फोन एवं पांच विदेशी मुद्रा के नोट भी बरामद हुए हैं।
पुलिस ने बताया कि तीनों महिलाओं को फर्जी भारतीय दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से भारत में रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इनके विरुद्ध रायपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं तथा आप्रवास एवं विदेशियों विषयक विधेयक, 2025 की धारा 23 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पूछताछ में एरिका ने बताया कि वह 2023 में एक वर्ष के वीजा पर भारत आई थी लेकिन वीजा समाप्त होने के बाद अपने देश वापस नहीं लौटी। अन्य दो आरोपी करीना तथा निगोरा 2022 तथा 2023 में नेपाल सीमा पार कर अवैध रूप से भारत में आईं। इन तीनों की एक दूसरे से मुलाकात दिल्ली में ही हुई थी और उन्होंने वहीं अपने एक परिचित के माध्यम से अपने फर्जी भारतीय दस्तावेज बनवाए।
निगोरा को पूर्व में बिहार पुलिस द्वारा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से भारत में रहने के अपराध में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद भी वह अपने देश न जाकर अवैध रूप से भारत मे रह रही थी।
पिछले छह-सात माह से तीनों देहरादून में अलग-अलग स्थानों पर रह रही थीं ।
पुलिस ने बताया कि फर्जी भारतीय दस्तावेज बनाने में उनकी सहायता करने वाले व्यक्तियों की जानकारी भी पुलिस को मिली है जिनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
भाषा दीप्ति गोला
गोला

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