तिरुपति लड्डू विवाद: टीटीडी के पूर्व अध्यक्ष को अंतरिम राहत देने से इनकार
तिरुपति लड्डू विवाद: टीटीडी के पूर्व अध्यक्ष को अंतरिम राहत देने से इनकार
नयी दिल्ली, दो दिसंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने तिरुपति मंदिर में प्रसाद के रूप में मिलने वाले लड्डुओं में मिलावट के सिलसिले में कथित मानहानिकारक लेखों के खिलाफ तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के पूर्व अध्यक्ष वाईवी सुब्बा रेड्डी को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है।
रेड्डी जून 2019 से अगस्त 2023 तक टीटीडी की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष थे। उन्होंने प्रतिवादियों (कथित मानहानिकारक लेख प्रकाशित करने वाले संगठनों, प्रकाशकों और लेखकों) के खिलाफ अस्थायी रोक आदेश जारी करने का अनुरोध करते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया था।
रेड्डी ने अपनी याचिका में कहा था, “प्रतिवादियों ने तिरुमाला में भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर के लिए घी की खरीद के मामले में वादियों पर भ्रष्ट आचरण का आरोप लगाते हुए मानहानिकारक बयान दिए हैं, जो हिंदू धर्म का पालन करने वाले सभी लोगों के लिए सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है।”
न्यायमूर्ति अमित बंसल ने 23 दिसंबर को पारित आदेश में कहा, “यह जगजाहिर है कि एकतरफा अंतरिम निषेधाज्ञा केवल असाधारण परिस्थितियों में ही जारी की जा सकती है।”
एकतरफा अंतरिम निषेधाज्ञा का मतलब उन अदालती आदेशों से है, जो आपातकालीन स्थितियों में अपूरणीय क्षति को रोकने के लिए दूसरे पक्ष की दलीलें सुने बिना (एकतरफा) जारी किए जाते हैं। इनका उद्देश्य तत्काल, अल्पकालिक (अंतरिम) राहत प्रदान करना होता है।
न्यायमूर्ति बंसल ने कहा, “अदालत विवादित प्रकाशन/पोस्ट/लेख के सिलसिले में प्रतिवादियों के खिलाफ एकतरफा अंतरिम निषेधाज्ञा जारी करने की इच्छुक नहीं है। मेरी राय में प्रतिवादियों को उनके प्रकाशन, पोस्ट और लेख के सिलसिले में अपनी दलीलें पेश करने का मौका देना उचित होगा।”
उन्होंने कहा कि प्रतिवादियों का पक्ष सुने बिना अंतरिम राहत देने पर विचार करना जल्दबाजी होगा।
हालांकि, न्यायमूर्ति बंसल ने प्रतिवादियों को चेतावनी दी कि इस आदेश के बाद प्रकाशित की जाने वाली कोई भी नयी सामग्री न्यायिक जांच के दायरे में होगी और उसकी विषयवस्तु के आधार पर कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
उच्च न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 29 जनवरी की तारीख तय की।
तिरुपति में लड्डू विवाद तब शुरू हुआ था, जब आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने दावा किया था कि आंध्र प्रदेश में वाईएस जगनमोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के दौरान भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में प्रसाद के रूप में बांटे जाने वाले लड्डू बनाने के लिए पशु वसा का इस्तेमाल किया जाता था।
सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) ने अपने दावे का समर्थन करने के लिए एक प्रयोगशाला रिपोर्ट साझा की थी। वहीं, रेड्डी के नेतृत्व वाली वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने चंद्रबाबू पर राजनीतिक लाभ के लिए “घृणित आरोप” लगाने का आरोप लगाया था।
भाषा पारुल नरेश
नरेश

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