Abhishek Banerjee Suspended : पार्टी के भीतर सबसे बड़ा तख्तापलट! ममता बनर्जी को अध्यक्ष पद से हटाया, अभिषेक बनर्जी सस्पेंड, इस बागी गुट ने खुद को बताया ‘असली TMC’

Ads

पश्चिम बंगाल की सियासत में बड़ा भूचाल आ गया है। तृणमूल कांग्रेस के एक बागी गुट ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पार्टी अध्यक्ष पद से हटाने और अभिषेक बनर्जी को निलंबित करने का दावा किया है। इसके साथ ही नई संगठनात्मक समिति के गठन और पार्टी फंड को लेकर भी बड़ा विवाद सामने आया है।

  •  
  • Publish Date - June 22, 2026 / 08:53 PM IST,
    Updated On - June 22, 2026 / 08:53 PM IST

Abhishek Banerjee Suspended / Image Source : X

HIGHLIGHTS
  • बागी गुट ने ममता बनर्जी को अध्यक्ष पद से हटाने का दावा किया।
  • अभिषेक बनर्जी को राष्ट्रीय महासचिव पद से निलंबित करने का ऐलान।
  • पूर्व विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में हुई हाई-प्रोफाइल बैठक।

कोलकाता : Abhishek Banerjee Suspended :  पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी अंदरूनी कलह ने सोमवार को बड़ा मोड़ ले लिया। पूर्व विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने एक हाई-प्रोफाइल बैठक कर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को निलंबित करने और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अध्यक्ष पद से हटाने का सनसनीखेज ऐलान कर दिया है। खुद को ‘असली तृणमूल कांग्रेस’ बताने वाले इस गुट ने नई संगठनात्मक समिति का गठन कर पार्टी की कमान अपने हाथों में लेने का दावा किया है।

अरूप रॉय को बनाया गया चेयरपर्सन

न्यू टाउन के एक होटल में हुई इस अहम बैठक में बागी विधायकों के साथ-साथ कोलकाता नगर निगम समेत तीन जिलों के 70 पार्षदों ने हिस्सा लिया। बागी गुट ने वरिष्ठ विधायक अरूप रॉय को ममता बनर्जी की जगह पार्टी का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया है। ऋतब्रत बनर्जी ने आरोप लगाया कि फरवरी 2022 के बाद से पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति का पुनर्गठन नहीं किया गया, जिससे ‘संवैधानिक संकट’ खड़ा हो गया था। उन्होंने कहा, “अगर ममता बनर्जी चाहें तो वह हमारी सलाहकार बन सकती हैं, वरना नई राष्ट्रीय कार्यसमिति में 29 विधायकों को शामिल कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।” इस नई समिति में फिरहाद हकीम, अरूप विश्वास, सबीना यास्मीन और काजल शेख जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

तीन हिस्सों में बंटी पार्टी और करोड़ों के फंड पर जंग

 

इस बगावत के बाद टीएमसी अब तीन धड़ों में बंट चुकी है। पहली ममता बनर्जी की मूल टीएमसी, दूसरा ऋतब्रत बनर्जी का बागी गुट, और तीसरा काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाले सांसदों का गुट, जिसने नेशनल सिटिजंस पार्टी में विलय कर संसद में एनडीए सरकार को समर्थन दे दिया है।इस राजनीतिक लड़ाई के बीच पार्टी के करीब 1,100 करोड़ रुपये के फंड पर भी रार मच गई है। बागी गुट की पुलिस शिकायत के बाद बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट ने टीएमसी के तीन बैंक खातों में जमा करीब 440 करोड़ रुपये की रकम पर ‘डेबिट फ्रीज’ लगा दिया है। विधायकों का आरोप है कि इन खातों में जमा धन का स्रोत संदिग्ध है और यह कटमनी व घोटालों से जुड़ा हो सकता है।

इन्हें भी पढ़ें :