टीएमसी ने बंगाल में आई-पैक के कामकाज रोकने से जुड़ी खबरों को खारिज किया

टीएमसी ने बंगाल में आई-पैक के कामकाज रोकने से जुड़ी खबरों को खारिज किया

टीएमसी ने बंगाल में आई-पैक के कामकाज रोकने से जुड़ी खबरों को खारिज किया
Modified Date: April 19, 2026 / 07:42 pm IST
Published Date: April 19, 2026 7:42 pm IST

कोलकाता/तारकेश्वर (पश्चिम बंगाल), 19 अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल में राजनीतिक परामर्शदाता कंपनी आई-पैक के काम काज को निलंबित करने की खबरों को ‘पूरी तरह बेबुनियाद’ बताते हुए, तृणमूल कांग्रेस ने रविवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की ओर से धमकी देकर पार्टी की चुनाव व्यवस्था को पंगु बनाने की साजिश की जा रही है।

सत्ताधारी पार्टी की ओर से यह खंडन उन खबरों के सामने आने के कुछ घंटों बाद आया है, जिनमें कहा गया था कि ‘इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी’ (आई-पैक) ने कथित तौर पर पश्चिम बंगाल में कर्मचारियों को तुरंत काम बंद करने और 20 दिन की छुट्टी पर जाने के लिए कहा है। आई-पैक 2021 से टीएमसी के चुनाव प्रचार से जुड़ी हुई है।

एक समाचार पत्र की खबरों में दावा किया गया है कि संगठन ने शनिवार देर रात कर्मचारियों को ई-मेल भेजकर ‘कानूनी बाध्यताओं’ का हवाला दिया और कहा है कि पश्चिम बंगाल में काम 11 मई तक निलंबित रहेगा, इसके बाद आगे की कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी।

हालांकि आई-पैक ने अभी तक इस मामले पर कोई बयान जारी नहीं किया है, लेकिन टीएमसी ने रविवार दोपहर को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा कि आई-पैक ने पार्टी के चुनाव प्रचार से खुद को अलग नहीं किया है।

पार्टी ने कहा, ‘‘हमें मीडिया की एक रिपोर्ट के बारे में जानकारी है जिसमें दावा किया गया है कि आई-पैक ने पश्चिम बंगाल में अगले 20 दिनों के लिए अपना अभियान रोक दिया है। यह दावा पूरी तरह निराधार है और जमीनी स्तर पर भ्रम पैदा करने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास प्रतीत होता है।’’

बयान में कहा गया कि पश्चिम बंगाल में आई-पैक की टीम टीएमसी के साथ ‘पूरी तरह से जुड़ी हुई’ है और राज्य भर में चुनाव प्रचार अभियान योजना के अनुसार जारी है।

भाजपा को निशाना बनाते हुए राजनीतिक रूप से तीखे संदेश में टीएमसी ने कहा कि पश्चिम बंगाल ‘गलत सूचना या धमकियों से प्रभावित नहीं होगा’ और मतदाता 23 और 29 अप्रैल को मतदान के जरिये जवाब देंगे।

इस मुद्दे ने दिन में बाद में तब और अधिक राजनीतिक रंग ले लिया जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी चुप्पी तोड़ी और भाजपा और केंद्रीय एजेंसियों पर न केवल टीएमसी, बल्कि पार्टी के लिए काम करने वालों को भी डराने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

तारकेश्वर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने राजनीतिक परामर्श उपलब्ध कराने वाली कंपनी का नाम लिए बिना घोषणा की कि यदि जारी दबाव के कारण आई-पैक के कर्मचारियों को अपनी नौकरी से निकाल दिया जाता है, तो उनकी पार्टी उन्हें नौकरी पर रख लेगी।

बनर्जी ने कहा, ‘‘वे हर दिन ईडी के जरिए हमारे यहां छापेमारी करते हैं। अचानक, चुनाव के दौरान, उन्हें ये सब याद आ गया? वे हमारी पार्टी के लिए काम करने वालों को पश्चिम बंगाल छोड़ने के लिए कह रहे हैं। उनके पास 50 संगठन हैं, हमारे पास सिर्फ एक है।’’

आक्रामक अंदाज में उन्होंने कहा, ‘‘अगर उन्हें धमकाया गया, तो वे हमसे जुड़ जाएंगे। हम उन्हें नौकरियां देंगे। मैं एक भी लड़के की नौकरी नहीं जाने दूंगी। यहां आने से पहले मैंने आज सुबह अभिषेक से बात की।’’

भाजपा का नाम लिए बिना मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि एक महत्वपूर्ण मोड़ पर टीएमसी की चुनाव तैयारियों को बाधित करने के लिए एक ‘गहरी साजिश’ रची जा रही है।

‘‘हम इस साजिश को बर्दाश्त नहीं करेंगे। आप हमें और कितना प्रताड़ित करेंगे? आप और कितने वोट छीनने की कोशिश करेंगे? इसके बाद आप एनआरसी लाएंगे।’’ उन्होंने पश्चिम बंगाल में विपक्ष के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक मुद्दों में से एक का हवाला देते हुए कहा।

टीएमसी का यह आक्रामक जवाब आई-पैक और उसके कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों पर बढ़ते कानूनी और जांच संबंधी दबाव के मद्देनजर आया है।

प्रवर्तन निदेशालय ने कोयला तस्करी मामले के सिलसिले में इससे पहले कोलकाता स्थित आई-पैक के कार्यालय और संगठन के संस्थापक प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास पर तलाशी ली थी।

छापेमारी के दौरान बनर्जी स्वयं जैन के आवास पर पहुंची थीं और बाद में उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियां ​​टीएमसी के चुनाव प्रचार से जुड़े गोपनीय चुनावी दस्तावेजों को जब्त करने का प्रयास कर रही थीं। यह मामला अंततः उच्चतम न्यायालय तक पहुंचा और अब भी न्यायिक रूप से विचाराधीन है।

भाषा संतोष रंजन

रंजन


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