पश्चिम बंगाल में है तृणमूल के आतंक का राज: राहुल गांधी

पश्चिम बंगाल में है तृणमूल के आतंक का राज: राहुल गांधी

पश्चिम बंगाल में है तृणमूल के आतंक का राज:  राहुल गांधी
Modified Date: April 26, 2026 / 03:42 pm IST
Published Date: April 26, 2026 3:42 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, 26 अप्रैल (भाषा) वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस के गुंडों द्वारा पार्टी कार्यकर्ता देबदीप चटर्जी की हत्या कर दिये जाने की रविवार को कड़ी निंदा करते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस राजनीति के आगे नहीं झुकेगी, जो भारत की अहिंसक परंपरा को कलंकित करती है।

पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा के दौरान आसनसोल में चटर्जी की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पार्टी का दावा है कि चटर्जी आसनसोल उत्तर से कांग्रेस प्रत्याशी प्रसेनजीत पुइतांडी के घनिष्ठ सहयोगी थे।

कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के लोगों ने चटर्जी की जमकर पिटाई की, जिसके कुछ ही समय बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।

गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “चुनाव के बाद तृणमूल के गुंडों द्वारा कांग्रेस कार्यकर्ता देबदीप चटर्जी की हत्या किया जाना बेहद निंदनीय है। शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।”

उन्होंने लिखा, ‘‘आज पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र नहीं, बल्कि तृणमूल के आतंक का राज है। मतदान के बाद विरोधियों को डराना-धमकाना, उनपर हमला करना और उनकी आवाज दबा देना- यही तृणमूल कांग्रेस का मूल स्वभाव बन गया है।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति कभी हिंसा पर आधारित नहीं रही है और न ही कभी होगी।

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘हमने भी अपने कार्यकर्ताओं को खोया है, फिर भी हमने हमेशा अहिंसा और संविधान का मार्ग चुना है। यही हमारी विरासत है, यही हमारा संकल्प है। हमारी मांग स्पष्ट है- सभी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी हो, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और देबदीप के परिवार को पूर्ण सुरक्षा और मुआवजा दिया जाए।”

उन्होंने कहा, ‘‘हम इस राजनीति के आगे नहीं झुकेंगे, जो भारत की अहिंसक परंपरा को कलंकित करती है। न्याय जरूर मिलेगा।’’

प्रदेश कांग्रेस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि इस दुखद घटना से उजागर होता है कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी तथा इससे पश्चिम बंगाल में विपक्षी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल भी उठते हैं।

उसने कहा, ‘‘मतदान के तुरंत बाद इस तरह की हिंसा का होना राजनीतिक धमकियों और प्रतिशोध के एक बेहद चिंताजनक पैटर्न को उजागर करता है।’’

प्रदेश कांग्रेस ने कहा, “यह बेहद चिंताजनक है कि घटना की सूचना मिलने पर प्राथमिकी भी दर्ज नहीं की गई, जो इस गंभीर घटना के प्रति प्रशासनिक उदासीनता को और भी स्पष्ट रूप से दर्शाती है।’’

पार्टी ने कहा, ‘‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस दोहराती है कि भय और हिंसा के माहौल में लोकतंत्र टिक नहीं सकता। हम इस तरह के अत्याचारों के खिलाफ हम आवाज उठाते रहेंगे और हर पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेंगे।”

भाषा राजकुमार सुरेश

सुरेश


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