कहीं रंगोली, कहीं पतंग तो कहीं डुबकी, लालू के लिए जेल पहुंचा दही-चूरा, देखें तस्वीरें

कहीं रंगोली, कहीं पतंग तो कहीं डुबकी, लालू के लिए जेल पहुंचा दही-चूरा, देखें तस्वीरें

कहीं रंगोली, कहीं पतंग तो कहीं डुबकी, लालू के लिए जेल पहुंचा दही-चूरा, देखें तस्वीरें
Modified Date: November 29, 2022 / 08:35 pm IST
Published Date: January 14, 2018 1:22 pm IST

वेब डेस्क। देश भर में आज मकर संक्रांति का त्योहार मनाया गया। अलग-अलग हिस्सों में इस दिन अलग-अलग नाम से इस त्योहार को मनाते हैं। ऐसे में हम आपके लिए लेकर आए हैं, इस त्योहार को कहां कैसे मनाया गया, इसकी कुछ तस्वीरें। पश्चिम बंगाल के गंगा सागर में पावन नदी गंगा बंगाल की खाड़ी में मिलती है और मकर संक्रांति के दिन गंगा सागर में स्नान का काफी महत्व माना जाता है। बंगाल और बिहार में कुछ लोग इस साल 14 जनवरी की बजाय 15 जनवरी को मकर संक्रांति मना रहे हैं, जबकि कुछ लोग 14 को ही, ऐसे में यहां दो दिन तक मेला जैसा नजारा दिख रहा है। बड़ी संख्या में लोग गंगासागर पहुंचे हुए हैं, गंगा तट पर बना मंदिर सजाया गया है और श्रद्धालु कड़ाके की सर्दी में भी डुबकी लगा रहे हैं।


आज सुबह सर्दी और कोहरे के बीच गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम यानी इलाहाबाद के प्रयाग में भी बड़ी संख्या में लोगों ने मकर संक्रांति पर डुबकी लगाई।


गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में मकर संक्रांति आज मनाई गई, जहां श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की।


देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पोंगल पूरे उत्साह के साथ मनाया गया, लोगों ने पारंपरिक तरीके से पूजा-अर्चना की और फिर मुंबइयां स्टाइल में इस त्योहार का लुत्फ उठाया।


कर्नाटक में भी पोंगल का त्योहार धूमधाम से मनाया गया, बैंगलुरू में लोग सुबह से ही पोंगल की बधाई देते दिखे।


और ये तस्वीर हैं तमिलनाडु के कोयंबटूर की, जहां आप लोगों को पोंगल मनाते देख सकते हैं।


तेलंगाना में पोंगल के पहले दिन भोगी का त्योहार होता है, राजधानी हैदराबाद में आज भोगी मनाई गई।


असम में मकर संक्रांति के दिन बीहू का त्योहार मनाया जाता है। असम की राजधानी गुवाहाटी में माघबीहू किस तरह मनाई गई, इसकी तस्वीर देखें

मकर संक्रांति के दिन बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव का चूड़ा-दही भोज काफी मशहूर है, लेकिन इस बार वे चारा घोटाले में रांची की बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं। चूरा-दही के प्रति लालू यादव के विशेष प्रेम को देखते हुए उनके समर्थक सुबह-सुबह चूरा-दही लेकर जेल जा पहुंचे। 

देश के बाकी हिस्सों में भी फसल कटाई और सर्दी की विदाई के रूप में मनाए जाने वाले इस त्योहार में पारंपरिक उत्साह के साथ भाग लिया।

 

वेब डेस्क, IBC24


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