दक्षिण गुजरात में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त; हजारों लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गये
दक्षिण गुजरात में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त; हजारों लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गये
अहमदाबाद, 23 जुलाई (भाषा) दक्षिण गुजरात के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वलसाड जिले के उमरगांव तालुका में बृहस्पतिवार सुबह तक 16 घंटे के दौरान 1,100 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद प्रशासन ने निचले इलाकों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण सूरत जिले में नदियां और अन्य जलाशय उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है।
अहमदाबाद में केवल दो घंटे में 66 मिलीमीटर बारिश हुई, जिससे कई सड़कों पर जलभराव हो गया और यातायात प्रभावित हुआ।
दक्षिण गुजरात में भारी बारिश की स्थिति को देखते हुए मुंबई जाने वाली कई रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया गया या उनका मार्ग छोटा कर दिया गया।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, बुधवार सुबह छह बजे से बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे तक वलसाड जिले का उमरगांव तालुका 1,100 मिलीमीटर से अधिक बारिश के साथ सबसे अधिक प्रभावित रहा।
इस दौरान वलसाड जिले के कई अन्य तालुकों में भी 600 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई।
अधिकारियों ने बताया कि औरंगा, पार और दमनगंगा जैसी नदियों के उफान पर आने से वलसाड जिले के निचले इलाकों में व्यापक जलभराव हो गया, जिसके कारण हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। वहीं, सूरत शहर के निचले इलाकों में रहने वाले 2,200 से अधिक लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया।
तापी, डांग, सूरत और नवसारी जिले भी भारी बारिश से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ के कारण सामान्य जनजीवन बाधित हुआ और प्रशासन ने बचाव एवं राहत अभियान तेज कर दिया।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बृहस्पतिवार और शुक्रवार के लिए वलसाड, नवसारी, डांग, सूरत और तापी जिलों में अत्यधिक भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बचाव और राहत कार्यों की निगरानी के लिए विभिन्न मंत्रियों को प्रभावित जिलों में भेजा है।
सूरत में अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने नौकाओं की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
विभाग के अनुसार, पांडेसरा क्षेत्र से जलभराव के कारण 40 लोगों को निकाला गया। सूरत जिले के उमरपाड़ा, अंबिका, पलसाना और महुवा तालुकों में भी बुधवार को भारी बारिश हुई।
भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए ‘फेडरेशन ऑफ सूरत ट्रेड एंड टेक्सटाइल एसोसिएशन’ ने बाढ़ की आशंका के कारण कपड़ा बाजार बंद रखने की घोषणा की।
सूरत के जिलाधिकारी तेजस परमार ने एक वीडियो संदेश में कहा कि जिले के उमरपाड़ा तालुका में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई जबकि बारदोली, महुवा और कामरेज तालुकों में भी भारी बारिश हुई।
उन्होंने कहा, ‘‘सूरत शहर में सुबह से लगभग दो इंच बारिश हुई है। शहर के भीतर स्थित बेडवर खाड़ी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जबकि अन्य खाड़ियों का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है।’’
परमार ने बताया कि बुधवार रात सूरत शहर में 2,200 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इसके अलावा ओलपाड से 130, अंबिका से 50 और चिखली से 30 लोगों को भी सुरक्षित निकाला गया।
बृहस्पतिवार सुबह से अहमदाबाद शहर में भी तेज बारिश हुई, जिससे कई आवासीय सोसायटियों में पानी भर गया और अनेक अंडरपास बंद करने पड़े।
दक्षिण गुजरात में रेलमार्गों वाले इलाकों में जलस्तर बढ़ने के कारण मुंबई जाने वाली कई रेलगाड़ियों को रद्द किया गया या बीच रास्ते तक ही चलाया गया। यात्रियों की सुविधा के लिए पश्चिम रेलवे ने सहायता केंद्र भी शुरू किया है।
नर्मदा जिले के डेडियापाड़ा और सागबारा तालुकों में भी भारी बारिश से कई गांवों का संपर्क टूट गया।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने दक्षिण गुजरात में वर्षा, बचाव और राहत कार्यों की समीक्षा की तथा वलसाड, सूरत और नवसारी के जिलाधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की अतिरिक्त टीमों की तैनाती का आश्वासन दिया।
आईएमडी ने मध्य गुजरात के पंचमहल, दाहोद और महिसागर जिलों के लिए भी भारी से बहुत भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। इसके अलावा 11 जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ और 10 जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ घोषित किया गया है।
मौसम विभाग ने वलसाड, नवसारी, तापी, गांधीनगर और साबरकांठा सहित राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
एसईओसी के आंकड़ों के अनुसार दक्षिण गुजरात में इस मौसम की औसत वर्षा का 62 प्रतिशत से अधिक पानी अब तक गिर चुका है, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में अभी भी सामान्य से कम बारिश हुई है।
आंकड़ों के मुताबिक, पूरे गुजरात में अब तक इस मानसून सत्र की औसत वार्षिक वर्षा की लगभग 36 प्रतिशत बारिश हो चुकी है।
भाषा मनीषा देवेंद्र
देवेंद्र
लेखक के बारे में
Web Title: दक्षिण गुजरात में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त; हजारों लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गये

DA Hike Order Issues News: नवरात्रि से पहले भर गई सरकारी कर्मचारियों की झोली, राज्य सरकार ने इतने प्रतिशत बढ़ाया महंगाई भत्ता, आदेश भी हुआ जारी
02 Oct 2026 | 6:49 am
Paddy Price Latest News: 240 रुपए ज्यादा मिलेगी धान की कीमत! दशहरा से पहले किसानों को सरकार ने दिया बड़ा तोहफा, बिजली बिल में भी रहेगी इतनी छूट
01 Oct 2026 | 5:36 pm
DA Hike Latest News: आखिरकार महंगाई भत्ते में हो ही गई बढ़ोतरी, नवरात्रि से पहले राज्य सरकार ने कर्मचारियों को दिया बड़ा तोहफा, अब हर महीने मिलेगा इतना DA
01 Oct 2026 | 5:09 pm
Today Live Breaking News and Updates 1 October 2026: रायगढ़ जिले में बड़ा हादसा, समुद्र में डुबने से 8 छात्रों की मौत, मचा हड़कंप
01 Oct 2026 | 8:59 am
LPG Cylinder price hike today: बढ़ गए गैस सिलेंडर के दाम, पहले अक्टूबर को लगा महंगाई का बड़ा झटका.. जानें आज से क्या है नई कीमत
01 Oct 2026 | 7:03 am
Today Live Breaking and Updates: इजराइल जा रही फ्लाइट क्रैश कराने की कोशिश, पायलट को चाकू मारा, 17 हजार फीट नीचे आया विमान
01 Oct 2026 | 1:03 amस्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था ‘विकसित दिल्ली’ के लिए जरूरी : उपराज्यपाल संधू
30 Sept 2026 | 5:24 pmसत्यमेव जयते, उच्चतम न्यायालय का ध्येय वाक्य उपनिषद व महाभारत से जुड़ा: एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक
30 Sept 2026 | 5:23 pm