परंपरा और आधुनिकता साथ-साथ चल सकते हैं: उप राष्ट्रपति

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परंपरा और आधुनिकता साथ-साथ चल सकते हैं: उप राष्ट्रपति

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  • Publish Date - August 30, 2026 / 05:57 PM IST,
    Updated On - August 30, 2026 / 05:57 PM IST

पत्तनमथिट्टा, 30 अगस्त (भाषा) उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने रविवार को कहा कि परंपरा और आधुनिकता विरोधाभासी ताकतें नहीं हैं और दोनों साथ-साथ चल सकती हैं।

वह अरनमुला में पम्बा नदी के किनारे ओणम समारोह के हिस्से के तौर पर आयोजित ‘उथराट्टाथी’ नौका दौड़ में लोगों को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि इस त्योहार ने लोगों को एक साथ लाने और सामाजिक रिश्तों को मजबूत करने में परंपराओं की असाधारण शक्ति को प्रदर्शित किया है।

राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘मुझे बताया गया कि विदेशों में काम करने वाले केरलम के लोग भी इस त्योहार के दौरान इसे समर्थन और बढ़ावा देने के लिए स्वदेश लौटते हैं। यही हमारी परंपरा और अपनी संस्कृति की जड़ों में हमारे विश्वास की महानता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘परंपरा और आधुनिकता एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। वे साथ-साथ चल सकते हैं, जैसा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बार-बार कहते हैं,‘विकास भी, विरासत भी’।’’

उपराष्ट्रपति ने कहा कि देश भर में मनाए जाने वाले त्योहारों में भारत की समृद्ध परंपराएं झलकती हैं। उन्होंने अपने वक्तव्य के समर्थन में केरलम में ओणम, ओडिशा की पुरी में रथ यात्रा और उत्तर भारत में सावन के महीने में होने वाली कांवड़ यात्रा का उदाहरण दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘ये परंपराएं और हमारा ओणम हमेशा साथ-साथ चलते हैं। हम भले ही अलग-अलग जगहों पर रहते हों और अलग-अलग भाषाएं बोलते हों, लेकिन हमारी संस्कृति हमें एकजुट रखती है। मेरी नजर में, हमारी विविधता ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है।’’

उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘विविधता विभाजन का कारण नहीं है, बल्कि यह ताकत का स्रोत है। विविधता में हमारी एकता ही भारत को वास्तव अनोखा और मजबूत बनाती है।’’

उन्होंने कहा कि अरनमुला अपनी प्रमाणिक और आध्यात्मिक स्वरूप को बनाए रखते हुए सांस्कृतिक और पर्यटन के नक्शे पर एक अहम स्थान रखता है।

राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘ऐसी परंपराएं एक अनमोल विरासत हैं, जिन्हें हमें भविष्य के लिए संरक्षित करना चाहिए। मुझे पूरा भरोसा है कि हमारी विरासत में इतनी दिलचस्पी दिखाने वाले युवा इस महान परंपरा को हमेशा संजोकर रखेंगे।’’

उन्होंने अरनमुला उथराट्टाथी नौका दौड़ को केरलम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, भक्ति और सदियों पुरानी परंपराओं का शानदार प्रतीक बताया।

इस कार्यक्रम में केरलम के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, गृह मंत्री रमेश चेन्निथला, उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम जॉन, पत्तनमथिट्टा के सांसद एंटो एंटनी और अरनमुला के विधायक अबिन वर्की भी उपस्थित रहे।

भाषा धीरज रंजन

रंजन