दिल्ली में भारी बारिश के कारण जलभराव के बीच यातायात बाधित, उड़ानों का मार्ग परिवर्तित
दिल्ली में भारी बारिश के कारण जलभराव के बीच यातायात बाधित, उड़ानों का मार्ग परिवर्तित
(तस्वीरों सहित)
नयी दिल्ली, 17 जून (भाषा) दिल्ली में मंगलवार को मानसून-पूर्व बारिश हुई, जिससे लोगों को झुलसती गर्मी से राहत मिली, लेकिन इस बीच कई इलाकों में जलभराव हो जाने के कारण यातायात बाधित की समस्या भी पैदा हो गई।
यहां एक अधिकारी ने बताया कि मौसम के कारण दिल्ली हवाई अडडे पर अपराह्न तीन से चार बजे के बीच 12 उड़ानों का मार्ग परिवर्तन करना पड़ा।
भारी बारिश के कारण दिल्ली छावनी के पास अंडरपास, जखीरा अंडरपास, पुल प्रहलादपुर, आईटीओ, दिल्ली नजफगढ़ रोड और दिल्ली रोहतक रोड जैसे कई इलाके जलमग्न हो गए और घुटनों तक पानी भर जाने के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
इससे पहले, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आज दिल्ली और आसपास के इलाकों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी करते हुए आंधी-तूफान के साथ ओलावृष्टि, मध्यम से भारी बारिश और कुछ स्थानों पर 50-70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने का अनुमान जताया था।
आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, सफदरजंग में 10 मिलीमीटर बारिश हुई, लोधी रोड पर पांच मिलीमीटर, पूसा में 41 मिलीमीटर, नारायणा में 15 मिलीमीटर और आयानगर में 23 मिलीमीटर बारिश हुई।
पालम और सफदरजंग मौसम केंद्र पर अपराह्न ढाई बजे से तीन बजे तक और शाम साढ़े छह बजे 35-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।
राष्ट्रीय राजधानी में अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो मौसम के औसत से 3.8 डिग्री कम था जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.5 डिग्री अधिक था। शाम साढ़े पांच बजे सापेक्षिक आर्द्रता 61 प्रतिशत थी।
आईएमडी ने बुधवार के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है, जिसमें विशेष रूप से रात के समय बिजली चमकने के साथ तूफान, हल्की से मध्यम वर्षा और 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा चलने की संभावना जताई गई है।
अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 34 और 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
आईएमडी ने संभावित प्रभावों और एहतियातन उपायों पर प्रकाश डालते हुए तूफान की चेतावनी भी जारी की। इसने चेतावनी दी कि आकाशीय बिजली गिरने से खासतौर से खुले इलाकों में जान का खतरा हो सकता है। यातायात बाधित हो सकता है और विमान या ट्रेन सेवाओं में विलंब हो सकता है। पशुओं और घर के बाहर काम करने वाले लोगों के लिए जोखिम का उल्लेख किया गया है।
इसमें कहा गया है कि लोगों को घरों के अंदर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। बिजली गिरने से होने वाले नुकसान से बचने के लिए तूफान के दौरान बिजली के उपकरणों को बंद रखने की सलाह दी गई है। लोगों को पेड़ों या धातु की संरचनाओं के नीचे शरण लेने और बिजली गिरने के दौरान बाहर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने के खिलाफ आगाह किया गया है।
आईएमडी ने लोगों को उसकी वेबसाइट के जरिए और पुष्ट मीडिया माध्यमों के जरिए आधिकारिक जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी है।
इससे पहले, राष्ट्रीय राजधानी के लिए बृहस्पतिवार तक ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया और आंधी-तूफान, बिजली कड़कने के साथ ही हल्की से मध्यम बारिश तेज हवा चलने का अनुमान जताया गया था।
मौसम विभाग देश में मौसम संबंधी अलर्ट जारी करने के लिए चार रंगों का उपयोग करता है। ये रंग और इनके संदेश…. ग्रीन (किसी कार्रवाई की जरूरत नहीं), येलो (नजर रखें और निगरानी करते रहें), ऑरेंज (तैयार रहें) और रेड (कार्रवाई/सहायता की जरूरत) हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शहर की वायु गुणवत्ता मंगलवार को ‘मध्यम’ श्रेणी में दर्ज की गई और वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) शाम चार बजे 104 दर्ज किया गया।
सीपीसीबी के अनुसार, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच को ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच को ‘खराब’, 301 से 400 के बीच को ‘बेहद खराब’ और 401 से 500 के बीच को ‘गंभीर’ माना जाता है।
भाषा यासिर रंजन
रंजन

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