एलपीयू प्रदर्शन के कारण बाधित रहे एनएच-44 पर यातायात बहाल, स्थिति नियंत्रण में : पुलिस

एलपीयू प्रदर्शन के कारण बाधित रहे एनएच-44 पर यातायात बहाल, स्थिति नियंत्रण में : पुलिस

एलपीयू प्रदर्शन के कारण बाधित रहे एनएच-44 पर यातायात बहाल, स्थिति नियंत्रण में : पुलिस
Modified Date: September 28, 2026 / 09:11 am IST
Published Date: September 28, 2026 9:11 am IST

फगवाड़ा (पंजाब), 28 सितंबर (भाषा) पंजाब के फगवाड़ा में ‘लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी’ (एलपीयू) के छात्रों द्वारा 15 घंटे से अधिक समय तक अवरुद्ध किए गए राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर यातायात बहाल कर दिया गया है और स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।

फगवाड़ा स्थित एलपीयू के छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में एक बाहरी व्यक्ति द्वारा एक छात्रा से कथित रूप से ‘‘दुष्कर्म किए जाने के दावे’’ को लेकर रविवार को परिसर में तोड़फोड़ की थी और परिसर के बाहर नयी दिल्ली-अमृतसर राजमार्ग के एक हिस्से को अवरुद्ध कर दिया था।

जालंधर के पुलिस आयुक्त सतिंदर सिंह ने बताया कि रविवार और सोमवार की मध्यरात्रि को राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बहाल हो गया और स्थिति शांतिपूर्ण है।

एलपीयू के बाहर सोमवार सुबह भी पुलिस बल तैनात रहा।

विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सोमवार से 10 दिन के लिए कक्षाएं स्थगित किए जाने के बाद कई छात्र परिसर से अपने घर जाते दिखाई दिए। मध्यावधि परीक्षाएं भी अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई हैं।

एलपीयू ने छात्रों को अनुमति दी है कि वे चाहें तो अपने माता-पिता या अभिभावकों से परामर्श के बाद इस अवधि के दौरान घर जा सकते हैं।

विश्वविद्यालय ने कहा कि परिसर में रुकने वाले छात्रों को उनकी सुरक्षा के मद्देनजर सलाह दी गई है कि वे छात्रावासों या अपने निवास स्थान पर ही रहें, अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और किसी भी तरह के प्रदर्शन या हंगामे में शामिल न हों।

अधिकारियों ने बताया कि रविवार शाम प्रदर्शनकारी छात्रों द्वारा पुलिसकर्मियों पर पथराव करने और उनके वाहनों पर हमला किए जाने के बाद हिंसा फिर भड़क उठी जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) एम. एफ. फारूकी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी रविवार देर रात परिसर में दाखिल हुए और वरिष्ठ अधिकारियों एवं अन्य पुलिसकर्मियों ने फ्लैग मार्च किया।

जालंधर के पुलिस आयुक्त सतिंदर सिंह, जालंधर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) नवीन सिंगला और कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव तूरा भी पुलिस बल के साथ मौजूद थे।

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस रविवार सुबह आठ बजे से परिसर के बाहर एनएच-44 को अवरुद्ध कर रहे प्रदर्शनकारियों को हटाने की जब शाम को कोशिश कर रही थी, तभी कुछ छात्रों ने पुलिसकर्मियों पर पानी की बोतलें फेंकीं।

उन्होंने बताया कि छात्रों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और छात्र परिसर की ओर भाग गए।

अधिकारियों के अनुसार, परिसर में पहुंचने के बाद छात्रों ने पुलिस पर अंधाधुंध पथराव शुरू कर दिया।

पुलिस ने रविवार को कहा था कि छात्रों की शिकायत पर एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है और मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है। हालांकि, विश्वविद्यालय ने परिसर में ऐसी घटना होने के दावे को ‘‘अफवाह’’ बताया है।

एलपीयू परिसर में हिंसा की यह घटना पटियाला के चितकारा विश्वविद्यालय में दो छात्राओं के कथित तौर पर आत्महत्या करने की अपुष्ट खबरों को लेकर छात्रों द्वारा एक पुलिस वाहन में आग लगाए जाने के एक दिन बाद हुई।

सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में प्रदर्शनकारी परिसर में खिड़कियों के शीशे और गमले तोड़ते तथा कुछ वस्तुओं में आग लगाते दिखाई दिए। वीडियो में पृष्ठभूमि में ‘‘हम न्याय चाहते हैं’’ के नारे भी सुनाई दे रहे हैं।

भाषा सिम्मी गोला

गोला


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