आईपैक के सह संस्थापक विनेश चंदेल को तुरंत रिहा किया जाए : तृणमूल कांग्रेस

आईपैक के सह संस्थापक विनेश चंदेल को तुरंत रिहा किया जाए : तृणमूल कांग्रेस

आईपैक के सह संस्थापक विनेश चंदेल को तुरंत रिहा किया जाए : तृणमूल कांग्रेस
Modified Date: April 14, 2026 / 04:02 pm IST
Published Date: April 14, 2026 4:02 pm IST

कोलकाता, 14 अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने उसे परामर्श सेवा देने वाली कंपनी ‘इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी’ (आईपैक) के सह-संस्थापक विनेश चंदेल को तत्काल और बिना शर्त रिहा किए जाने की मंगलवार को मांग की।

पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले की गई चंदेल की गिरफ्तारी को ‘‘चुनावी साजिश’’ करार दिया।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आईपैक के निदेशक और सह-संस्थापक चंदेल को पश्चिम बंगाल में कथित कोयला घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में सोमवार को गिरफ्तार किया।

एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि चंदेल को सोमवार शाम को दिल्ली में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत हिरासत में लिया गया।

तृणमूल के राज्यसभा सदस्य और राष्ट्रीय प्रवक्ता डेरेक ओ’ ब्रायन ने संवाददाताओं से कहा कि चुनाव के पहले चरण में 10 दिन से भी कम समय बचा है और ऐसे में ईडी की कार्रवाई ‘‘उसकी चुनावी तैयारी को नुकसान पहुंचाने’’ से कम नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘ईडी ने अपनी कार्रवाइयों से साबित किया है कि उसका नाम ‘एक्सट्रीमली डेस्परेट’ (अत्यंत हताश) है, लेकिन इन सब कदमों के बावजूद, उनके राजनीतिक आका यानी भाजपा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में हार जाएगी।’’

तृणमूल के नेता ने आरोप लगाया कि ईडी की कार्रवाई संविधान का दुरुपयोग करने से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि पीएमएलए के तहत 5,900 मामलों में से केवल 0.1 प्रतिशत मामलों में ही दोषसिद्धि हुई है, जो दर्शाता है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार द्वारा चुनावों से पहले विपक्ष के खिलाफ राजनीतिक कारणों से ईडी का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि उन्हें परेशान किया जा सके।

ओ’ब्रायन ने चुनाव नजदीक होने का हवाला देते हुए केंद्रीय एजेंसियों को ‘‘राजनीतिक कारणों से इस तरह की अलोकतांत्रिक, अनुचित कार्रवाई’’ करने से रोके जाने की मांग की।

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोमवार रात कहा था कि इस गिरफ्तारी से चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा होती हैं।

बनर्जी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘बंगाल चुनावों से ठीक 10 दिन पहले आईपैक के सह-संस्थापक विनेश चंदेल की गिरफ्तारी न केवल चिंताजनक है, बल्कि यह निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा की अवधाारणा को ही हिला देती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे समय में जब पश्चिम बंगाल को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की ओर बढ़ना चाहिए, इस तरह की कार्रवाई एक भयावह संदेश देती है। यदि आप विपक्ष के साथ काम करते हैं, तो अगला नंबर आपका हो सकता है। यह लोकतंत्र नहीं, बल्कि धमकी है।’’

पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए दो चरण में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा जबकि मतगणना के लिए चार मई की तारीख तय की गई है।

भाषा धीरज सिम्मी

सिम्मी


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