तृणमूल कांग्रेस ने केंद्रीय कोषों को पार्टी गतिविधियों में लगाया: धर्मेंद्र प्रधान
तृणमूल कांग्रेस ने केंद्रीय कोषों को पार्टी गतिविधियों में लगाया: धर्मेंद्र प्रधान
कोलकाता, सात अप्रैल (भाषा) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि उसने केंद्रीय कोषों का इस्तेमाल पार्टी गतिविधियों में किया। उन्होंने यह दावा भी किया राज्य की शिक्षा व्यवस्था “नष्ट” कर दी गई है।
प्रधान कोलकाता के कालीघाट मंदिर में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे, जहां उन्होंने रासबिहारी सीट से भाजपा के उम्मीदवार स्वपन दासगुप्ता के साथ पूजा-अर्चना की।
उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार ने मध्याह्न भोजन, किताबों और वर्दी के लिए धन दिया था। वह सारा पैसा पार्टी गतिविधियों में खर्च कर दिया गया। बंगाल की शिक्षा व्यवस्था बर्बाद हो गई है।”
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल की शैक्षणिक विरासत को कभी स्वामी विवेकानंद और रवींद्रनाथ टैगोर जैसे महान व्यक्तित्वों ने आकार दिया था, लेकिन यह पिछले 45 वर्षों के “कुशासन” में बर्बाद हो गई है, जिसमें वाम मोर्चा के शासन के तीन दशक और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस के 15 वर्ष शामिल हैं।
पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को निराधार बताया और केंद्र पर कई कल्याणकारी योजनाओं के लिए बंगाल के लगभग दो लाख करोड़ रुपये रोकने का आरोप लगाया।
प्रधान ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया या तो ठप है या भ्रष्टाचार में उलझी हुई है।
केंद्रीय मंत्री ने विश्वास जताया कि रासबिहारी सीट से स्वपन दासगुप्ता बड़े अंतर से जीतेंगे। उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी का कुशासन समाप्त होना तय है।”
प्रधान ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव “भयमुक्त बंगाल” की अवधारणा पर केंद्रित हैं, जिसमें भाजपा का फोकस युवाओं के लिए रोजगार और महिलाओं की सुरक्षा पर है।
मतदाता सूचियों के गहन पुनरीक्षण और घुसपैठ के मुद्दे पर उन्होंने कहा, “बंगाल में किसके वोट की गिनती होनी चाहिए—घुसपैठियों की या बांग्लाभाषी लोगों की?”
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतगणना चार मई को की जाएगी।
भाषा मनीषा वैभव
वैभव

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