Tamil Nadu Custodial Death Case: इस राज्य में 9 पुलिसकर्मियों को सुनाई गई ‘मौत की सजा’.. ‘पिता-पुत्र’ की कस्टोडियल मौत पर इस अदालत का बड़ा फैसला

Tamil Nadu Custodial Death Case: तमिलनाडु के कस्टोडियल डेथ केस में 9 पुलिसकर्मियों को फांसी, पिता-पुत्र की मौत पर अदालत का सख्त फैसला।

Tamil Nadu Custodial Death Case: इस राज्य में 9 पुलिसकर्मियों को सुनाई गई ‘मौत की सजा’.. ‘पिता-पुत्र’ की कस्टोडियल मौत पर इस अदालत का बड़ा फैसला

Tamil Nadu Custodial Death Case || Image- The Print File

Modified Date: April 7, 2026 / 12:42 pm IST
Published Date: April 7, 2026 12:40 pm IST
HIGHLIGHTS
  • कस्टोडियल डेथ केस में 9 पुलिसकर्मियों को फांसी
  • पिता-पुत्र की मौत पर सख्त अदालत
  • सथानकुलम केस में CBI जांच के बाद सजा

मदुरै: तमिलनाडु राज्य में 2020 में कोविडकाल के दौरान पुलिस के हिरासत में रहते हुए पिता और पुत्र की मौत हो गई थी। ‘हिरासत में मौत’ से जुड़े इस मामले की जाँच सीबीआई को सौंपी गई थी, (Tamil Nadu Custodial Death Case) वही अब कोर्ट ने आरोपी बनाये गए 9 पुलिसकर्मियों के के लिए मौत की सजा तय की है, एक अन्य आरोपी पुलिस कर्मी की मौत हो चुकी है।

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क्या है पूरा मामला?

यह मामला 60 साल के जयराज और उनके 31 साल के बेटे बेनिक्स पर हिरासत में लिए जाने के बाद बर्बर मारपीट और कार्रवाई से जुड़ा है। जयराज और बेनिक्स की थूथुकुडी जिले के सथानकुलम में एक मोबाइल फोन की दुकान थी। उन्हें 19 जून, 2020 को कथित तौर पर लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था और सथानकुलम पुलिस स्टेशन के अंदर रात भर उन्हें बुरी तरह टॉर्चर किया गया।

इस मारपीट और यातना के बाद बेनिक्स की 22 जून को मौत हो गई, जबकि जयराज ने अगले दिन दम तोड़ दिया। आरोपियों में पूर्व इंस्पेक्टर एस. श्रीधर भी शामिल थे, जिन्हें पीड़ितों पर हमला करने के लिए अपने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश देने का दोषी पाया गया था। शुरू में दस पुलिसवालों को गिरफ्तार किया गया था, (Tamil Nadu Custodial Death Case) लेकिन एक आरोपी, एस. पॉलदुरई की अगस्त 2020 में COVID-19 होने के बाद जेल में मौत हो गई थी। यह सज़ा कोर्ट द्वारा पुलिसवालों को दोषी ठहराए जाने के दो हफ़्ते बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि पीड़ितों के साथ साफ़ तौर पर हिरासत में हिंसा हुई थी।

क्या है कोर्ट की टिप्पणी?

यह फैसला जी. मुथुकुमारन ने सुनाया है, जिन्होंने कहा कि इस मामले में सबसे कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए क्योंकि यह जुर्म खुद कानून लागू करने वालों ने किया था। उन्होंने कहा कि आम सज़ा काफी नहीं होगी और उम्रकैद पुलिस फोर्स के अंदर डर पैदा करने में नाकाम रहेगी। बता दें कि, अदालत ने इस मामले में दोषी पाए गए नौ पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा के साथ 15 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्मना अदा नहीं करने पर आरोपियों की संपत्ति नीलम कर इसकी पूर्ति की जाएगी।

सथानकुलम हिरासत में मौत के मामले में तमिलनाडु के 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा सुनाए जाने पर डीएमके प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने कहा, “हां, उन्होंने दो लोगों पर बेरहमी से हमला किया, उन्हें पूरी रात लटकाए रखा और उनकी हत्या कर दी। कोई कार्रवाई नहीं की गई। उस समय एआईएडीएमके सत्ता में थी। सत्ता से बेदखल होने के बाद, हमने जांच शुरू की और उन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया।”

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