तृणमूल कांग्रेस सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की
तृणमूल कांग्रेस सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की
नयी दिल्ली/कोलकाता, 13 जून (भाषा) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने शनिवार को यहां केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। उनके साथ पार्टी की बागी सांसद शताब्दी रॉय भी थीं।
बंद्योपाध्याय और यादव की मुलाकात ने पार्टी के भीतर जारी संकट के बीच नयी राजनीतिक अटकलों को जन्म दिया, जिससे यह सवाल उठने लगे कि क्या वरिष्ठ सांसद बंद्योपाध्याय बागी गुट में शामिल हो सकते हैं।
इस बीच तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसद सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर स्वयं को “मूल तृणमूल कांग्रेस’’ संसदीय समूह के रूप में मान्यता देने की मांग करने की तैयारी कर रहे हैं।
बंद्योपाध्याय, सांसद शताब्दी रॉय के साथ दोपहर में राष्ट्रीय राजधानी के मोतीलाल नेहरू मार्ग स्थित भाजपा नेता के आवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने बैठक की।
यह घटनाक्रम ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी में गहराते संकट के बीच सामने आया है, जहां बागी सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने दावा किया कि 19 लोकसभा सदस्य बागी गुट का समर्थन कर रहे हैं।
यदि बंद्योपाध्याय भी उनके साथ शामिल हो जाते हैं, तो बागी गुट के सांसदों की संख्या बढ़कर 20 हो जाएगी।
बागी गुट की नेता काकोली घोष दस्तीदार ने घोषणा की है कि यह गुट, मान्यता मिलने के बाद, संसद में भाजपा-नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को समर्थन देगा।
प्रतिष्ठित कोलकाता उत्तर सीट से लोकसभा सांसद बंद्योपाध्याय तृणमूल कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ सांसदों में से एक हैं और लंबे समय से उन्हें पार्टी नेतृत्व और दिल्ली की राजनीतिक व्यवस्था के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु के रूप में देखा जाता है।
बंद्योपाध्याय के कदम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि कोलकाता उत्तर के सांसद की “सत्ता और पद की लालसा” के कारण ही तृणमूल कांग्रेस ने कई महत्वपूर्ण नेताओं को भाजपा के हाथों खो दिया।
घोष ने कहा, ‘‘तापस रॉय और सजल घोष ने पार्टी को सुदीप दा की व्यक्तिगत असुरक्षाओं और पार्टी के भीतर सत्ता और पद की लालसा के कारण छोड़ दिया। मुझे पहले पार्टी से इसलिए निलंबित कर दिया गया था क्योंकि मैंने उनके खिलाफ और तापस दा जैसे वरिष्ठ नेताओं के पक्ष में आवाज उठाई थी। अब नेतृत्व को यह एहसास हो जाना चाहिए कि उन्होंने पहले किस तरह के व्यक्ति का समर्थन किया था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस हफ्ते की शुरुआत में, जब सीआईडी ने ममता बनर्जी के आवासीय परिसर में छापा मारा था, तब मुझे सुदीप दा का फोन आया, जिसमें उन्होंने पूछा कि मैं कहां हूं। जब मैंने उन्हें बताया कि मैं पहले से ही ‘दीदी’ के घर पर हूं, तो उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी नयना (तृणमूल कांग्रेस विधायक) जल्द ही वहां पहुंच जाएंगी। मैं इंतजार करता रहा, लेकिन वह कभी नहीं आईं। इसके बजाय, अब सुदीप दा खुद भाजपा के दरवाजे पर पहुंच गए हैं।’’
तृणमूल कांग्रेस के पास लोकसभा में 28 सदस्य हैं। पार्टी के पास राज्यसभा में 13 सदस्य हैं जिनमें से अब तक तीन ने इस्तीफा दे दिया है।
तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर पार्टी में टूट कराने के उद्देश्य से ‘‘ऑपरेशन लोटस’’ चलाने का आरोप लगाया है।
भाषा
देवेंद्र संतोष
संतोष
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