तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने उच्च न्यायालय से अवमानना मामले में कार्यवाही रोकने का अनुरोध किया

तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने उच्च न्यायालय से अवमानना मामले में कार्यवाही रोकने का अनुरोध किया

तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने उच्च न्यायालय से अवमानना मामले में कार्यवाही रोकने का अनुरोध किया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:11 pm IST
Published Date: January 7, 2021 11:51 am IST

नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने बृहस्पतिवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से अनुरोध किया कि वह जी न्यूज और उसके संपादक द्वारा उनके खिलाफ निचली अदालत में दायर अवमानना मामले में कार्यवाही पर रोक लगाए।

मामले में अपने खिलाफ खिलाफ आरोप तय करने और सम्मन को चुनौती देने वाली मोइत्रा ने उच्च न्यायालय से उनकी याचिका पर सुनवाई पहले करने का अनुरोध किया है। मोइत्रा की याचिका 18 फरवरी को सुनवाई के लिये सूचीबद्ध है।

न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड के वकील का बयान दर्ज किया कि वे उच्च न्यायालय में 18 फरवरी को मामले की सुनवाई होने तक निचली अदालत के समक्ष अपने गवाह से जिरह नहीं होने देंगे।

मोइत्रा ने निचली अदालत के 25 सितंबर 2019 और 10 जनवरी 2020 के आदेशों को चुनौती दी थी जिसके तहत क्रमश: उन्हें आरोपी के तौर पर सम्मन किया गया था तथा मानहानि के मामले में उनके खिलाफ आरोप तय किये गए थे।

मोइत्रा की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष उनकी याचिका पर जल्द सुनवाई करने का अनुरोध करते हुए कहा था कि निचली अदालत में मानहानि का मामला शुक्रवार, आठ जनवरी को सुनवाई के लिये सूचीबद्ध है।

उन्होंने कहा कि जब पिछले साल अगस्त में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी और अदालत को अंतरिम आदेश देने पर विचार करना था तब मीडिया घराने के वकील ने कहा था कि मामले में अगली तारीख पर सुनवाई शुरू होने की उम्मीद नहीं है।

मीडिया घराने की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता विजय अग्रवाल ने कहा कि वह अगली सुनवाई पर निचली अदालत में शिकायतकर्ता के गवाह को जिरह के लिये पेश नहीं करेंगे और अगली तारीख का अनुरोध करेंगे।

इसके बाद अदालत ने मोइत्रा की नयी याचिका को निस्तारित मान लिया।

भाषा

प्रशांत माधव

माधव


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