टीटीडी सभी गैर-हिंदू कर्मचारियों के लिए ‘न्याय’ सुनिश्चित करेगा: अध्यक्ष नायडू

टीटीडी सभी गैर-हिंदू कर्मचारियों के लिए ‘न्याय’ सुनिश्चित करेगा: अध्यक्ष नायडू

टीटीडी सभी गैर-हिंदू कर्मचारियों के लिए ‘न्याय’ सुनिश्चित करेगा: अध्यक्ष नायडू
Modified Date: April 19, 2025 / 06:48 pm IST
Published Date: April 19, 2025 6:48 pm IST

तिरुपति, 19 अप्रैल (भाषा) तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के अध्यक्ष बी आर नायडू ने शनिवार को कहा कि संस्था सभी गैर-हिंदू कर्मचारियों के लिए ‘न्याय’ सुनिश्चित करेगी।

अध्यक्ष नायडू ने रेखांकित किया कि 200 से अधिक गैर हिंदू कर्मचारियों की पहचान की गई है। उन्होंने कहा कि उक्त कर्मचारियों को गैर-तीर्थयात्रा संबंधी भूमिकाएं सौंपने या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) की पेशकश करने जैसे विकल्पों पर विचार किया जाएगा।

नायडू ने ‘पीटीआई वीडियो’ से बातचीत में कहा, ‘‘हम उनके (गैर-हिंदू कर्मचारियों) लिए भी न्याय सुनिश्चित करेंगे। टीटीडी का इरादा उन्हें रातोंरात घर भेजने का नहीं है। हिंदू धर्म ऐसी कार्रवाई का आदेश नहीं देता है। इसलिए, हम नियमों के अनुसार चलेंगे।’’

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टीटीडी अध्यक्ष के मुताबिक पहले चरण में 48 गैर-हिंदू कर्मचारियों की पहचान की गई है। उनमें से प्रत्येक से व्यक्तिगत रूप से परामर्श किया जाएगा ताकि उनकी प्राथमिकताएं निर्धारित की जा सकें कि क्या क्या वे गैर-धार्मिक भूमिकाओं में फिर से नियुक्ति चाहते हैं या वीआरएस का विकल्प चुनना चाहते हैं।

उन्होंने एक अलग संवाददाता सम्मेलन में कहा कि गैर-हिंदू कर्मचारियों की पहचान करना कभी-कभी मुश्किल हो सकता है, क्योंकि कुछ लोग हिंदू नामों का उपयोग करते हैं।

उन्होंने दावा किया, ‘‘वह (एक गैर-हिंदू कर्मचारी) ‘वेंकटेश्वर राव’ नाम का उपयोग कर सकता है और फिर भी एक चर्च चला सकता है – हम उन्हें कैसे पहचान सकते हैं? लगभग 40 से 50 ऐसे कर्मचारी पाए गए हैं और पहले चरण में उन्हें हटा दिया जाएगा।’’

नायडू ने कहा कि प्रक्रिया चल रही है।

भाषा धीरज वैभव

वैभव


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