द्रमुक की कृपा से टीवीके सत्ता में, विजय के नेतृत्व वाला शासन समाप्त करने का संकल्प लें: स्टालिन

द्रमुक की कृपा से टीवीके सत्ता में, विजय के नेतृत्व वाला शासन समाप्त करने का संकल्प लें: स्टालिन

द्रमुक की कृपा से टीवीके सत्ता में, विजय के नेतृत्व वाला शासन समाप्त करने का संकल्प लें: स्टालिन
Modified Date: June 6, 2026 / 09:18 pm IST
Published Date: June 6, 2026 9:18 pm IST

चेन्नई, छह जून (भाषा) द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने शनिवार को कहा कि तमिलनाडु में टीवीके की सत्ता केवल उनकी पार्टी और उसके सहयोगियों की कृपा के कारण है और उन्होंने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार पर ‘पूर्ण विराम’ लगाने का संकल्प लेने का आग्रह किया।

स्टालिन ने यहां आयोजित एक समारोह में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) में शामिल हुए 1,000 से अधिक ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) कार्यकर्ताओं का स्वागत करते हुए 1949 में स्थापना के बाद से पार्टी के इतिहास का वर्णन किया और इस बात पर जोर दिया कि उनकी पार्टी ने 1975 में आपातकाल लागू करने का विरोध किया था, इस बात को बखूबी जानते हुए भी कि इससे उनकी पार्टी सरकार को बर्खास्त कर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि 1976 में द्रमुक सरकार को बर्खास्त कर दिया गया था और 1989 तक पार्टी चुनाव जीतकर सरकार बनाने में सफल नहीं हो सकी थी। उन्होंने 2021 में फिर से सरकार बनाने तक पार्टी द्वारा देखे गए उतार-चढ़ावों को याद किया।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सब बातों को याद करने का कारण यह रेखांकित करना है कि जीत और हार बारी-बारी से आती रहेंगी। उन्होंने कहा, ‘इसीलिए हम आज यह साबित कर रहे हैं कि द्रमुक सदस्य वह व्यक्ति होता है जो न तो जीत मिलने पर बहुत उत्साहित होता है और न ही हार का सामना करने पर हिम्मत हारकर पीछे हटता है, बल्कि निरंतर काम करता रहता है।’

स्टालिन ने कहा: ‘आपको चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है। आपको यह नहीं भूलना चाहिए कि वर्तमान सरकार केवल हमारी कृपा के कारण ही चल रही है। हम (द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन) इस दृढ़ संकल्प के साथ चुनाव में उतरे थे कि हमें जीतना ही है; द्रमुक के नेतृत्व में सरकार बननी ही चाहिए और सभी विरोधी दलों को हराना ही है। यह केवल हमारे गठबंधन में शामिल दलों की कृपा के कारण ही यह संभव हो पाया है कि आज यह सरकार चल रही है। यह केवल गठबंधन के उन दलों के सहयोग से ही संभव हुआ है जो द्रमुक को सत्ता में देखना चाहते थे।’

उन्होंने कहा: ‘आइए इस अवसर पर यह प्रतिज्ञा लें कि हम अपनी कृपा के कारण चल रही इस सरकार पर पूर्ण विराम लगा देंगे।’

स्टालिन ने कहा कि द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन दलों (वामपंथी दलों सहित) के नेताओं ने स्वयं कई स्थानों पर उल्लेख किया है कि जब वे टीवीके का समर्थन करने के लिए आगे आए तो उन्होंने ऐसा अपने गठबंधन के नेता (द्रमुक अध्यक्ष स्टालिन) को सूचित करने के बाद ही किया।

स्टालिन ने कहा कि जब वे उन्हें सूचित करने के बाद जा रहे थे तो उन्होंने (स्टालिन) कहा था कि वे जा सकते हैं, क्योंकि यह उनकी इच्छा और लोकतांत्रिक अधिकार है और वह उन्हें नहीं रोकेंगे।

स्टालिन ने कहा कि उन्होंने उन्हें केवल इस सिद्धांत के आधार पर शुभकामनाएं देकर विदा किया कि राज्य में राष्ट्रपति शासन नहीं थोपा जाना चाहिए और इसके माध्यम से तमिलनाडु में भाजपा सत्ता में नहीं आनी चाहिए।

अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके को 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों में 234 सदस्यीय सदन में 108 सीट (बहुमत से 10 सीट कम) पर जीत मिली।

द्रमुक के सहयोगी भाकपा, माकपा, वीसीके और आईयूएमएल को दो-दो सीट मिलीं और उन्होंने टीवीके को समर्थन दिया। पांच सीट जीतने वाली कांग्रेस ने द्रमुक से गठबंधन तोड़कर विजय को समर्थन दिया।

भाषा

शुभम माधव

माधव


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