लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े वकील पर गोलीबारी के मामले में दो लोग गिरफ्तार
लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े वकील पर गोलीबारी के मामले में दो लोग गिरफ्तार
नयी दिल्ली, तीन मार्च (भाषा) दिल्ली पुलिस ने जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े वकील दीपक खत्री पर पिछले सप्ताह उत्तरी दिल्ली के आईएसबीटी के पास हुई गोलीबारी के सिलसिले में एक प्रमुख षड्यंत्रकर्ता और एक शूटर को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
दो में से एक आरोपी 26 वर्षीय रोहित सोलंकी है जो पूथ कलां का निवासी और रोहित गोदारा गिरोह का कथित सदस्य है। उसे उत्तरी जिले की पुलिस ने 20 स्थानों पर लगे 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण करने और व्यापक तलाशी अभियान के बाद गिरफ्तार किया।
अधिकारी ने बताया कि एक समानांतर अभियान में, अपराध शाखा ने पूथ कलां के ही निवासी 22 वर्षीय सागर मलिक को गिरफ्तार किया, जिसने कथित तौर पर हमलावरों को अपराध में इस्तेमाल किए गए स्कूटर और फर्जी सिम कार्ड सहित अन्य सामान मुहैया कराया था।
उसके पास से एक विदेश निर्मित ग्लॉक पिस्तौल और तीन कारतूस बरामद किए गए।
पश्चिम विहार निवासी 45 वर्षीय खत्री पर 24 फरवरी को उस समय गोलीबारी की गई थी जब वह और उनके साथी कश्मीरी गेट के पास मरघट वाले हनुमान मंदिर से लौट रहे थे।
रात करीब 10.05 बजे, जब उनकी कार रिंग रोड पर एक रेन बसेरा के पास पहुंची, तो दोपहिया वाहन पर सवार हमलावरों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें खत्री के सहयोगी संदीप घायल हो गए और उन्हें दो गोलियां लगीं।
कश्मीरी गेट थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1) (हत्या का प्रयास), 3(5) (आपराधिक षड्यंत्र) और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस के अनुसार, नवंबर 2025 में दुबई में सुखदीप उर्फ सिप्पा की हत्या और दिसंबर 2025 में चंडीगढ़ में गोदारा गिरोह के सदस्य इंदरप्रीत उर्फ पैरी की हत्या के बाद लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के साथ बढ़ती प्रतिद्वंद्विता के बीच खत्री गैंगस्टर रोहित गोदारा और उसके सहयोगी गोल्डी बराड़ का निशाना बन गया।
जांचकर्ताओं ने कहा कि खत्री की हत्या की साजिश गोदारा और सोलंकी ने रची थी, जिन्होंने कथित तौर पर वकील की गतिविधियों की टोह ली थी।
खत्री की गतिविधियों की जानकारी उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल के माध्यम से पता चली और सोलंकी को पता चला कि खत्री हर मंगलवार को मरघट वाले हनुमान मंदिर जाते हैं।
पुलिस ने बताया कि घटना वाले दिन सोलंकी ने गोदारा द्वारा कथित तौर पर नियुक्त किए गए दो शूटरों के साथ मिलकर लक्ष्य की पहचान की और हमले को अंजाम दिया तथा भाग गए।
पूछताछ के दौरान, सोलंकी ने कथित तौर पर खुलासा किया कि हमलावर भागते समय राजघाट के पास स्कूटर और एक ग्लॉक पिस्तौल छोड़ गए थे।
बाद में यह पिस्तौल पटपड़गंज औद्योगिक क्षेत्र में एक अलग घटना के बाद बरामद की गई। एक ट्रक चालक ने इस पिस्तौल को उठा लिया और गलत से गोली चलने से वह घायल हो गया। स्कूटर को बाद में जब्त कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि सागर मलिक के स्कूटर का इस्तेमाल अपराध में किया गया था, जो उसकी मां के नाम पर पंजीकृत था। मलिक ने कथित तौर पर फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल करके एक सिम कार्ड का इंतजाम किया और उसे सोलंकी को सौंप दिया।
हमले के बाद सोलंकी जयपुर भाग गया और बैंकॉक जाने वाली उड़ान में सवार हो गया। खबरों के मुताबिक, वह दुबई भागने की योजना बना रहा था। उसे थाईलैंड से निर्वासित कर दिया गया और बाद में दिल्ली के बाहरी इलाके के एक गांव में गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि मलिक को रोहिणी से गिरफ्तार किया गया है और वह 2024 के हत्या के प्रयास के एक मामले में संलिप्तता है।
पुलिस ने बताया कि शेष हमलावरों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।
भाषा नोमान माधव
माधव

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