चंडीगढ़ में भाजपा कार्यालय के बाहर हुए विस्फोट मामले के दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार: पंजाब के डीजीपी

चंडीगढ़ में भाजपा कार्यालय के बाहर हुए विस्फोट मामले के दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार: पंजाब के डीजीपी

चंडीगढ़ में भाजपा कार्यालय के बाहर हुए विस्फोट मामले के दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार: पंजाब के डीजीपी
Modified Date: April 5, 2026 / 09:16 pm IST
Published Date: April 5, 2026 9:16 pm IST

चंडीगढ़, पांच अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पंजाब इकाई के कार्यालय के बाहर यहां एक अप्रैल को हुए धमाके के सिलसिले में कथित रूप से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिससे इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या सात हो गई है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोग कथित तौर पर आईएसआई समर्थित मॉड्यूल का हिस्सा हैं और वे जर्मनी तथा पुर्तगाल में स्थित अपने हैंडलर से निर्देश ले रहे थे।

पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि हरियाणा पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के साथ संयुक्त अभियान में शनिवार रात हरियाणा के रेवाड़ी में नवीनतम गिरफ्तारियां की गईं।

पुलिस प्रमुख ने एक संवाददाता सम्मेलन ने बताया, “दोनों की पहचान गुरतेज सिंह और अमनप्रीत सिंह के रूप में हुई है। दोनों पंजाब के रूपनगर जिले के रतनगढ़ गांव के निवासी हैं। वे एक ऑनलाइन कैब सेवा कंपनी के लिए बाइक चलाते थे।”

डीजीपी ने बताया कि आईएसआई समर्थित हैंडलर, पुर्तगाल में बलजोत सिंह उर्फ ​​जोत और जर्मनी में हरजीत सिंह लाडी ने आरोपियों को दो लाख रुपये के इनाम के बदले हमला करने के लिए उकसाया था।

चंडीगढ़ में एक अप्रैल को करीब शाम पांच बजे सेक्टर 37 स्थित पार्टी मुख्यालय के बाहर एक धमाका हुआ था। इस धमाके में कारों की खिड़कियां टूट गईं और एक स्कूटर को नुकसान पहुंचा था। हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ था।

पुलिस ने पहले इसे देसी बम बताया था, लेकिन बाद में जांच के दौरान यह हथगोला साबित हुआ।

यादव ने रविवार के संवाददाता सम्मेलन में अमनप्रीत के आपराधिक रिकार्ड की जानकारी दी।

उन्होंने बताया, ‘चोरी के एक मामले में अमनप्रीत सिंह के खिलाफ मोहाली में प्राथमिकी दर्ज की गई थी और हिमाचल के बिलासपुर में उसके खिलाफ झपटमारी का एक और मामला दर्ज किया गया था।’

पुलिस के अनुसार, आरोपी गुरतेज सिंह ने छह महीने पहले सोशल मीडिया के जरिए पुर्तगाल स्थित बलजोत सिंह (जोट) के संपर्क में आया था। उसे 28 मार्च को गुरतेज को पंजाब के बलाचौर क्षेत्र से हथगोले और अन्य हथियारों की एक खेप लेने को कहा गया था।

अधिकारी ने बताया कि गुरतेज, मनदीप और रुबल चौहान ने जसवीर सिंह उर्फ ​​जस्सी से यह खेप प्राप्त की थी। इसमें दो हथगोले, एक पिस्तौल और 10 कारतूस थे।

मंदीप, रुबल और जसवीर उन पांच लोगों में शामिल थे जिन्हें पहले इस मामले में गिरफ्तार किया गया था।

यादव ने बताया, “बालटोज ने गुरतेज को लक्ष्य की पहचान करने और रेकी करने का काम सौंपा था। गुरतेज ने ही अमनप्रीत को भी इसमें शामिल किया था।”

उन्होंने बताया कि अमनप्रीत ने ही भाजपा कार्यालय के बाहर हथगोला फेंका था, जबकि गुरतेज ने इस घटना का वीडियो बनाया था।

उन्होंने कहा, ‘दोनों के विदेशी हैंडलरों ने उन्हें हथगोला फेंकने के तरीके के वीडियो दिखाए थे। मोबाइल फोन पर भी निर्देश दिए गए थे।’

उन्होंने बताया कि गुरतेज और अमनप्रीत को विस्फोट करने के लिए दो लाख रुपये देने का वादा किया गया था।

शनिवार को डीजीपी ने कहा था कि पंजाब पुलिस की काउंटर-इंटेलिजेंस इकई ने चंडीगढ़ पुलिस के साथ संयुक्त अभियान में इस मामले को सुलझा लिया है।

इस मामले में गिरफ्तार किए गए पहले पांच आरोपियों में बलविंदर लाल उर्फ ​​शमी (गांव माजरी, एसबीएस नगर), जसवीर सिंह उर्फ ​​जस्सी (गांव भरापुर, एसबीएस नगर), चरणजीत सिंह उर्फ ​​चन्नी (गांव सुजावलपुर, एसबीएस नगर), रूबल चौहान (गांव थाना, शिमला) और मनदीप उर्फ अभिजोत शर्मा (धूरी, संगरूर) शामिल है।

पुर्तगाल स्थित बलजोत के परिचित बलविंदर ने 16 मार्च को हथियारों की खेप ली, जिसे बाद में जर्मनी स्थित हरजोत सिंह के लिए काम करने वाले चरणजीत ने प्राप्त किया।

डीजीपी ने बताया कि चरणजीत ने खेप जसवीर को सौंप दी, जिसने इसे सुरक्षित रखने के लिए 20,000 रुपये प्राप्त किए।

उन्होंने बताया कि 28 मार्च को जसवीर ने खेप गुरतेज, मनदीप और रुबल को सौंपी थी।

एक सवाल के जवाब में डीजीपी ने कहा कि पंजाब में अशांति फैलाने के लिए पाकिस्तान की आईएसआई इस मॉड्यूल का संचालन कर रही थी।

जब उनसे पूछा गया कि क्या हमलावर भाजपा नेता अश्वनी शर्मा को निशाना बनाना चाहते थे, तो यादव ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है।

यादव ने साजिश का पर्दाफाश करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए चंडीगढ़ पुलिस और हरियाणा पुलिस को भी धन्यवाद दिया।

भाषा राखी रंजन

रंजन


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