यूडीएफ सरकार विश्वविद्यालयों के “भगवाकरण” की अनुमति नहीं देगी: मंत्री रोजी एम जॉन
यूडीएफ सरकार विश्वविद्यालयों के “भगवाकरण” की अनुमति नहीं देगी: मंत्री रोजी एम जॉन
तिरुवनंतपुरम, 11 जून (भाषा) केरल के उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम जॉन ने बृहस्पतिवार को कहा कि यूडीएफ सरकार राज्य में शैक्षणिक संस्थानों और विश्वविद्यालयों के किसी भी प्रकार के “भगवाकरण” की अनुमति नहीं देगी।
जॉन ने यह टिप्पणी एक टीवी चैनल से बातचीत में महात्मा गांधी विश्वविद्यालय में हाल की नियुक्तियों, जिनमें एक कुलपति की नियुक्ति भी शामिल है, को लेकर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर की भूमिका के संदर्भ में की।
मंत्री ने आरोप लगाया कि राज्यपाल द्वारा विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में दिन-प्रतिदिन के कार्यों में इस तरह का हस्तक्षेप पिछली एलडीएफ सरकार के समय से शुरू हुआ।
उन्होंने कहा, “उन्होंने (एलडीएफ) इसके लिए रास्ता तैयार किया। केरल के इतिहास में पहले कभी ऐसा हस्तक्षेप नहीं देखा गया।”
जॉन ने यह भी आरोप लगाया कि वामपंथी सरकार और राज्यपाल के बीच कुलपतियों की नियुक्तियों को लेकर एक “समझौता” हुआ था।
उन्होंने दावा किया, “शुरुआत में राज्यपाल के खिलाफ विरोध होता है। फिर मुख्यमंत्री और राज्यपाल साथ में चाय पीते हैं और विरोध खत्म हो जाता है। इसके बाद दोनों पक्षों से नियुक्तियां की जाती हैं।”
मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार किसी भी प्रकार के भगवाकरण के पक्ष में नहीं है और यूडीएफ का यह रुख विपक्ष में रहते हुए भी रहा है।
उन्होंने कहा, “हम शैक्षणिक संस्थानों और विश्वविद्यालयों के भगवाकरण को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे।”
उधर, मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने बुधवार को कहा था कि विश्वविद्यालयों में राज्यपाल द्वारा की गई नियुक्तियों को लेकर चल रहे विवाद के लिए उनकी सरकार को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए, क्योंकि यह प्रक्रिया पिछली एलडीएफ सरकार के दौरान शुरू हुई थी।
राज्यपाल के हस्तक्षेप और विश्वविद्यालय नियुक्तियों में कथित भगवाकरण के आरोपों पर पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा था कि ऐसे विवाद नए नहीं हैं और पहले की सरकारों के समय भी हुए हैं।
भाषा मनीषा वैभव
वैभव

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