यूजीसी ने हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में कॉलेज छात्रा की मौत की जांच के लिए समिति का गठन किया

यूजीसी ने हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में कॉलेज छात्रा की मौत की जांच के लिए समिति का गठन किया

यूजीसी ने हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में कॉलेज छात्रा की मौत की जांच के लिए समिति का गठन किया
Modified Date: January 3, 2026 / 10:41 am IST
Published Date: January 3, 2026 10:41 am IST

नयी दिल्ली, तीन जनवरी (भाषा) विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित एक सरकारी कॉलेज में रैगिंग के आरोपों के बाद एक छात्रा की मौत की जांच के आदेश दिए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

यूजीसी ने घटना की जांच के लिए एक तथ्यान्वेषण समिति का गठन किया है।

यूजीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “यूजीसी ने धर्मशाला के सरकारी डिग्री कॉलेज में एक छात्रा की मौत पर गंभीर संज्ञान लिया है।”

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यूजीसी की एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन ने मीडिया में प्रकाशित खबरों के आधार पर स्वतः संज्ञान लिया, जिनमें रैगिंग के कारण आत्महत्या के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, कॉलेज प्रशासन का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि मौत का मामला है।”

अधिकारी ने बताया, “पुलिस मामले की जांच कर रही है और यूजीसी ने घटना की जांच के लिए एक तथ्यान्वेष समिति का गठन किया है। यूजीसी आश्वासन देता है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है।”

पुलिस के अनुसार, कॉलेज की तीन छात्राओं पर रैगिंग और जानबूझकर चोट पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है जबकि एक प्रोफेसर के खिलाफ 19 वर्षीय युवती के यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया है।

छात्रा ने 26 दिसंबर को लुधियाना के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया था।

छात्रा के पिता की शिकायत के बाद एक जनवरी को मामला दर्ज किया गया था।

मृतका के पिता ने शिकायत में आरोप लगाया कि 18 सितंबर, 2025 को उनकी बेटी को तीन वरिष्ठ छात्राओं हर्षिता, आकृति और कोमोलिका ने पीटा था जबकि कॉलेज के प्रोफेसर अशोक कुमार ने उससे अश्लील हरकतें की थीं।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि मारपीट व उत्पीड़न के बाद छात्रा को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मृतका के पिता ने आरोप लगाया कि इन घटनाओं के बाद उनकी बेटी गंभीर मानसिक तनाव और डर के साए में जी रही थी, जिससे उसकी हालत बहुत तेजी से बिगड़ी।

भाषा जितेंद्र सुरभि

सुरभि


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