America Venezuela War: कई महीनों की प्लानिंग.. सीक्रेट एजेंसियां भी थी एक्टिव, ऐसे पकड़े गए राष्ट्रपति मादुरो, ट्रंप बोले- हमारे सैनिक भी…

कई महीनों की प्लानिंग.. सीक्रेट एजेंसियां भी थी एक्टिव, America Venezuela Conflict War: Some US troops injured in Venezuela attack, but 'no one killed': Trump

America Venezuela War: कई महीनों की प्लानिंग.. सीक्रेट एजेंसियां भी थी एक्टिव, ऐसे पकड़े गए राष्ट्रपति मादुरो, ट्रंप बोले- हमारे सैनिक भी…
Modified Date: January 4, 2026 / 12:32 am IST
Published Date: January 3, 2026 9:03 pm IST

वाशिंगटन: America Venezuela Conflict War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि वेनेजुएला में अभियान के दौरान एक हेलीकॉप्टर पर हमला हुआ और कुछ अमेरिकी सैनिक घायल हो गये लेकिन उनका मानना ​​​​है कि कोई भी मारा नहीं गया। अमेरिका ने शुक्रवार देर रात को वेनेजुएला पर ‘‘बड़े पैमाने पर हमला’’ किया। अमेरिका ने कहा है कि देश के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया गया है और देश से बाहर ले जाया गया है।

ट्रंप ने कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी एक अमेरिकी युद्धपोत पर सवार हैं और उन्हें न्यूयॉर्क में मुकदमे का सामना करना होगा।ट्रंप ने कहा, ‘‘कुछ अमेरिकी सैनिक घायल हुए लेकिन वे वापस आ गए हैं और उनकी हालत काफी ठीक बताई जा रही है।’’ उन्होंने कहा कि इस अभियान में अमेरिका का कोई भी विमान नष्ट नहीं हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘हमें ऐसा करना पड़ा क्योंकि यह एक युद्ध है।’’ उन्होंने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला के बारे में आगे की रणनीति पर निर्णय लेगा।

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मादुरो को पकड़ने के ऑपरेशन में 150 से ज्यादा प्लेन शामिल थे

America Venezuela Conflict War: अमेरिका के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने बताया कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने का ऑपरेशन बहुत लंबी प्लानिंग बनाकर चलाया गया। इस मिशन को तैयार करने में कई महीने लगे, जबकि इसे जमीन पर पूरा करने में कुछ ही घंटे लगे। जनरल केन ने बताया कि यह ऑपरेशन सिर्फ सेना का नहीं था, बल्कि इसमें अमेरिकी सेना की सभी सीक्रेट एजेंसियों ने मिलकर काम किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के बड़े मिशन के लिए महीनों तक तैयारी करनी पड़ती है।

मादुरो की एक्टिविटी पर काफी समय से नजर रखी जा रही थी

जनरल केन के मुताबिक, निकोलस मादुरो की एक्टिविटी पर काफी समय से नजर रखी जा रही थी। इसका मकसद यह समझना था कि वह कहां रहते हैं, कैसे आते-जाते हैं, कहां सफर करते हैं, क्या खाते हैं और आमतौर पर क्या पहनते हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार देर रात इस ऑपरेशन की शुरुआत हुई। उस समय 150 से ज्यादा विमान अमेरिका और उसके सहयोगी ठिकानों से उड़ान भरकर रवाना हुए। ये विमान जमीन और समुद्र में मौजूद करीब 20 अलग-अलग ठिकानों से भेजे गए थे। इनमें हेलिकॉप्टर भी शामिल थे, जिनमें वह टीम सवार थी जो मादुरो को पकड़कर बाहर निकालने वाली थी। ये हेलिकॉप्टर समुद्र के ऊपर बहुत नीचे, सिर्फ 100 फीट की ऊंचाई पर उड़ते हुए वेनेजुएला पहुंचे। जनरल केन ने बताया कि हेलिकॉप्टरों की सुरक्षा के लिए पहले आसपास सैन्य कार्रवाई की गई। इसके बाद हेलिकॉप्टर रात करीब 1 बजे मादुरो के कैंपस में पहुंचे। इस दौरान अमेरिकी सैनिकों पर गोलीबारी हुई, जिसके जवाब में उन्हें खुद की सुरक्षा के लिए कार्रवाई करनी पड़ी। आखिरकार मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया गया।

मादुरो को न्यूयॉर्क ले जाया जा रहा

करीब सुबह 3 बजकर 29 मिनट पर अमेरिकी सैनिक वेनेजुएला से बाहर निकल गए। इसके बाद मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिकी वॉरशिफ USS इवो जीमा पर ले जाया गया। वहां से उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया जा रहा है, जहां उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जनरल केन ने कहा कि यह पूरा मिशन बहुत सटीक तालमेल के साथ किया गया ऑपरेशन था। अगर इसमें किसी भी स्तर पर गलती होती, तो पूरा मिशन खतरे में पड़ सकता था। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना के लिए इस तरह के ऑपरेशन में नाकामी कोई ऑप्शन नहीं होता।

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