उज्जैन मस्जिद मामला: विहिप ने पथराव में शामिल लोगों की निंदा की

उज्जैन मस्जिद मामला: विहिप ने पथराव में शामिल लोगों की निंदा की

उज्जैन मस्जिद मामला: विहिप ने पथराव में शामिल लोगों की निंदा की
Modified Date: September 29, 2026 / 11:11 pm IST
Published Date: September 29, 2026 11:11 pm IST

नयी दिल्ली, 29 सितंबर (भाषा) विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने उज्जैन में ऐतिहासिक शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने के प्रस्ताव के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान पथराव की घटना में शामिल लोगों की मंगलवार को निंदा की और हिंदू समुदाय से ‘‘असामाजिक एवं विघटनकारी तत्वों’’ के प्रति सतर्क रहने का आग्रह किया।

विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ तत्व शांति नहीं चाहते और उन्हें चेतावनी दी कि वे मध्यप्रदेश के इस पवित्र शहर को ‘‘पुरानी कश्मीर घाटी’’ में बदलने की कोशिश न करें।

विहिप ने दावा किया कि 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ से पहले सौंदर्यीकरण और सड़क चौड़ीकरण के काम के तहत हटाए गए करीब 80 धार्मिक ढांचों में से अधिकतर हिंदू समुदाय से जुड़े हैं।

संगठन ने यह भी दावा किया कि इस प्रक्रिया के तहत 272 मकानों, दुकानों और अन्य ढांचों को स्थानांतरित किया गया है। उसने कहा कि हिंदू समुदाय मध्यप्रदेश के इस पवित्र शहर को ‘‘अपवित्र’’ करने की कोशिशों को सफल नहीं होने देगा।

उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण अभियान के तहत मस्जिद का एक हिस्सा हटाए जाने के दौरान सोमवार को विवाद हो गया। इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया।

बंसल ने कहा कि उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ की तैयारियां जोरों पर हैं और स्थानीय सरकार तथा प्रशासन सौंदर्यीकरण एवं सड़क चौड़ीकरण की योजनाओं पर मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ तत्व शांति नहीं चाहते और उन्हें उज्जैन को ‘‘पुरानी कश्मीर घाटी’’ में बदलने की कोशिश न करने की चेतावनी दी।

उन्होंने कहा, ‘‘उज्जैन को पुरानी कश्मीर घाटी में बदलने का सपना मत देखिए। हमारे पवित्र शहर को अपवित्र करने की दुर्भावनापूर्ण कोशिशों को सफल नहीं होने दिया जाएगा।’’

भाषा आशीष अमित

अमित


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