दावणगेरे उपचुनाव पर उलेमा ने असंतोष व्यक्त किया, अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व संबंधी चिंता व्यक्त की

दावणगेरे उपचुनाव पर उलेमा ने असंतोष व्यक्त किया, अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व संबंधी चिंता व्यक्त की

दावणगेरे उपचुनाव पर उलेमा ने असंतोष व्यक्त किया, अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व संबंधी चिंता व्यक्त की
Modified Date: April 16, 2026 / 04:46 pm IST
Published Date: April 16, 2026 4:46 pm IST

बेंगलुरु, 16 अप्रैल (भाषा) कर्नाटक में उलेमा के एक प्रतिनिधि निकाय ने बृहस्पतिवार को हाल ही में हुए दावणगेरे विधानसभा उपचुनाव से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रमों पर असंतोष व्यक्त किया और अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधित्व के बारे में चिंता जताई।

यह बयान विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) नसीर अहमद को मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के राजनीतिक सचिव पद से हटाए जाने के बाद आया, जबकि एक अन्य एमएलसी अब्दुल जब्बार को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। यह घटना उपमुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार द्वारा राज्य में पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रमुख पद से उनके इस्तीफे को स्वीकार करने के कुछ दिनों बाद हुई।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने दावणगेरे विधानसभा उपचुनाव में प्रचार न करने के लिए आवास, अल्पसंख्यक कल्याण और वक्फ मंत्री बी.जेड. जमीर अहमद खान को फटकार लगाई है। पार्टी ने समर्थ शमनूर को मैदान में उतारा जो शमनूर शिवशंकरप्पा के पोते हैं। शिवशंकरप्पा की मृत्यु के कारण उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया था।

दावणगेरे साउथ निर्वाचन क्षेत्र में मुसलमानों की खासी आबादी है और उन्होंने मांग की थी कि पार्टी उनके समुदाय से एक उम्मीदवार को मैदान में उतारे। कई मुस्लिम नेता कांग्रेस द्वारा उनकी मांग को खारिज किए जाने से असंतुष्ट थे।

उलेमा ने बताया कि उन्होंने 20 मार्च को सिद्धरमैया और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की थी और बाद में इस संबंध में शिवाजीनगर विधायक रिजवान अरशद के कार्यालय में पार्टी महासचिव और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला से भी मिले थे।

इन बैठकों के दौरान, उलेमा ने पार्टी नेतृत्व से दावणगेरे साउथ उपचुनाव के लिए अल्पसंख्यक समुदाय से एक उम्मीदवार पर विचार करने का आग्रह किया था।

उन्होंने बताया कि विस्तृत विचार-विमर्श के बाद सुरजेवाला ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह इस मामले पर सिद्धरमैया, शिवकुमार और पार्टी आला कमान से चर्चा करेंगे और दावणगेरे साउथ उपचुनाव के लिए एक अल्पसंख्यक उम्मीदवार को समायोजित किया जाएगा।

संस्था ने कहा कि समर्थ को आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किए जाने से मुस्लिम समुदाय में निराशा फैल गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बार-बार की गई गुजारिशों को नजरअंदाज किया गया।

धार्मिक निकाय ने कहा, “जब दिवंगत श्री शमनूर शिवशंकरप्पा के पोते को कांग्रेस का आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया गया तो हम स्तब्ध रह गए। इस निर्णय से पूरे मुस्लिम समुदाय में व्यापक निराशा है और वह स्तब्ध है क्योंकि हमारी बार-बार की गई गुजारिशों को नजरअंदाज कर दिया गया।”

उलेमा ने आगे कहा कि उपचुनाव के कुछ ही दिनों के भीतर, परिणाम घोषित होने से पहले ही, वरिष्ठ कांग्रेस नेता नसीर अहमद को मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव पद से हटाए जाने से निराशा और बढ़ गई।

भाषा

प्रशांत नरेश

नरेश


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