Vedanta Power Plant Hadsa FIR: अब शुरू हुई कानूनी कार्रवाई.. प्लांट हादसे पर डबरा थाने में इतने आरोपियों के खिलाफ नामजद FIR, सुनें SP का बयान

Vedanta Power Plant Hadsa Sakti FIR: सक्ती वेदांता प्लांट हादसे में पुलिस ने FIR दर्ज की, 20 मौतों के बाद जांच तेज, कई लोग नामजद

Vedanta Power Plant Hadsa FIR: अब शुरू हुई कानूनी कार्रवाई.. प्लांट हादसे पर डबरा थाने में इतने आरोपियों के खिलाफ नामजद FIR, सुनें SP का बयान

Vedanta Power Plant Hadsa Sakti FIR || IBC24 News File

Modified Date: April 16, 2026 / 08:40 pm IST
Published Date: April 16, 2026 8:32 pm IST

सक्ती: वेदांता पावर प्लांट हादसा मामले में अब सरकार और प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिला पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया है कि, “वेदांता पावर प्लांट में हुई हालिया दुर्घटना में लगभग 20 लोगों की जान चली गई है और 15 लोग विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। हमारी प्रारंभिक जांच से आपराधिक संलिप्तता स्पष्ट हो गई है। (Vedanta Power Plant Hadsa Sakti FIR) डबरा पुलिस स्टेशन में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है। फिलहाल, कंपनी प्रबंधन और उस क्षेत्र के किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। लगभग 8 से 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और अन्य लोगों को भी इसमें शामिल किया गया है। हमें उम्मीद है कि अगर कोई अन्य व्यक्ति संलिप्त पाया जाता है, तो उनके नाम भी इस अपराध में जरूर जोड़े जाएंगे।”

गौरतलब है कि, बीते मंगलवार को सक्ती के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे के बाद कई घायलों की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। इस हादसे में घायल 11 श्रमिकों का रायगढ़ के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। अब तक मृतकों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। इनमें से 18 श्रमिकों की मौत रायगढ़ में इलाज के दौरान हुई, जबकि दो श्रमिकों ने राजधानी रायपुर में दम तोड़ा।

पीएम के बाद शवों को भेजे जायेंगे उनके घर

घटना के तीसरे दिन भी मृत श्रमिकों के शवों की शिनाख्त और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी है। अधिकांश मृतक पश्चिम बंगाल और झारखंड के रहने वाले बताए जा रहे हैं। परिजनों के समय पर नहीं पहुंच पाने के कारण बुधवार को पांच शवों का पोस्टमार्टम नहीं हो सका था। आज सुबह से परिजनों के पहुंचने के बाद शिनाख्त और पोस्टमार्टम की कार्रवाई तेज कर दी गई है। पोस्टमार्टम के बाद शवों को उनके गृह राज्यों के लिए रवाना किया जाएगा। (Vedanta Power Plant Hadsa Sakti FIR) जिला प्रशासन के अनुसार, घायलों के बेहतर इलाज के लिए अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

घायलों से श्रममंत्री ने भेंट, जाना हालचाल

हादसे के बाद राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रदेश के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन गुरुवार को रायगढ़ पहुंचे। उन्होंने मेट्रो हॉस्पिटल, जिंदल हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात की और उनके उपचार की जानकारी ली। मंत्री ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि सरकार इसे गंभीरता से ले रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने भी हादसे पर चिंता जताई है, वहीं मुख्यमंत्री ने न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और श्रम कानूनों के तहत भी कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल प्लांट को सील कर दिया गया है और जांच पूरी होने तक इसे दोबारा शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

‘गंभीर लापरवाही की आशंका, कराई जा रही है जांच’ : श्रममंत्री

मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। मृतकों के परिजनों को 35 लाख रुपये और घायलों को 15 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा प्रधानमंत्री की ओर से 2 लाख रुपये और मुख्यमंत्री की ओर से 5 लाख रुपये की सहायता राशि भी घोषित की गई है। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर लापरवाही का मामला प्रतीत होता है और इसकी गहन जांच कराई जाएगी। (Vedanta Power Plant Hadsa Sakti FIR) पिछले दो वर्षों में औद्योगिक इकाइयों में बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए सरकार ऐसे हादसों की रोकथाम के लिए ठोस उपाय करने पर भी विचार कर रही है।

कांग्रेस की टीम भी पहुंची सक्ती

घटना की जांच के लिए कांग्रेस का उच्चस्तरीय जांच दल सोमवार को प्लांट पहुंचा और घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। जांच दल में नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज सहित कुल छह विधायक शामिल रहे। पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल के नेतृत्व में पहुंचे इस दल ने हादसे वाली जगह का बारीकी से मुआयना किया और वहां मौजूद अधिकारियों व कर्मचारियों से जानकारी ली।

निरीक्षण के बाद नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने हादसे के लिए सीधे तौर पर प्लांट प्रबंधन और राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही के कारण ही इतना बड़ा हादसा हुआ, जिसमें कई मजदूरों की जान चली गई। उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा नियमों का सही तरीके से पालन किया जाता, तो इस तरह की दुखद घटना से बचा जा सकता था। (Vedanta Power Plant Hadsa Sakti FIR) उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यहां तक कि ये कौन नहीं जानता है कि वेदांता समूह द्वारा चुनाव 400 करोड़ का इलेक्शन बांड के रूप में मिलता है।

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में कांग्रेस उनके साथ खड़ी है। साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। इसके साथ ही अब तक कि कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि घटना के 72 घंटे बीत जाने के बावजूद अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने मांग की कि मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जांच दल ने यह भी कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

इन्हें भी पढ़े:-

‘मेडिकल टूरिज्म’ को बढ़ावा देने के लिए अपनी ‘बेड’ क्षमता विस्तार को तेज कर रहा है मैक्स

उप्र: राष्ट्र विरोधी गतिविधि में शामिल होने के आरोप में दो लोग गिरफ्तार, विदेशी संपर्क की जांच शुरू

चीन में कैथोलिक समुदाय पर बढ़ा दबाव, सरकारी गिरजाघर से जुड़ने को मजबूर : रिपोर्ट

ओलंपिक में कोविड-19 टीका लगाने का फर्जी प्रमाणपत्र देने वाला हॉकी कोच बर्खास्त

इजराइल और अमेरिका का लक्ष्य ‘एक जैसा’, हम किसी भी स्थिति के लिए तैयार: नेतन्याहू

आंध्र प्रदेश में सड़क दुर्घटना में आठ श्रद्धालुओं की मौत, मुख्यमंत्री नायडू ने शोक जताया


लेखक के बारे में

A journey of 10 years of extraordinary journalism.. a struggling experience, opportunity to work with big names like Dainik Bhaskar and Navbharat, priority given to public concerns, currently with IBC24 Raipur for three years, future journey unknown