राजस्थान में 20 दिन की यात्रा, 3500 किमी का सफर कर कला-संस्कृति और लोकजीवन का किया दस्तावेजीकरण

राजस्थान में 20 दिन की यात्रा, 3500 किमी का सफर कर कला-संस्कृति और लोकजीवन का किया दस्तावेजीकरण

राजस्थान में 20 दिन की यात्रा, 3500 किमी का सफर कर कला-संस्कृति और लोकजीवन का किया दस्तावेजीकरण
Modified Date: September 23, 2026 / 10:19 pm IST
Published Date: September 23, 2026 10:19 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

जयपुर, 23 सितंबर (भाषा) राजस्थान की कला, संस्कृति, विरासत, खान-पान की परंपराओं और स्थानीय समुदायों की कहानियों का दस्तावेजीकरण करने के उद्देश्य से शुरू हुई 20 दिवसीय यात्रा बुधवार को जयपुर में संपन्न हो गई।

आयोजकों के अनुसार, यात्रा के दौरान टीम ने राजस्थान में 3,500 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की और 45 से अधिक स्थानों का दौरा किया।

‘कारटिस्ट’ की पहल ‘स्टोरीज ऑफ इंडियन सिटीज’ के राजस्थान चैप्टर की शुरुआत चार सितंबर को जयपुर से हुई थी। यात्रा का समापन बुधवार को अल्बर्ट हॉल संग्रहालय के बाहर हुआ।

यात्रा के दौरान टीम ने मंडावा, बीकानेर, जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, जवाई, रणकपुर, नाथद्वारा, उदयपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, बूंदी, कोटा, भरतपुर, डीग और अलवर सहित विभिन्न स्थानों का दौरा किया।

आयोजकों ने बताया कि टीम ने स्थानीय समुदायों, कारीगरों, पारंपरिक व्यवसायों, लोक कलाओं, हस्तशिल्प, खान-पान की परंपराओं और रोजमर्रा के जीवन का दस्तावेजीकरण किया। आदिवासी क्षेत्रों में लोगों से संवाद के साथ बाड़मेर में ‘पैचवर्क’ और स्थानीय कढ़ाई जैसी पारंपरिक कलाओं को भी दर्ज किया गया।

‘कार्टिस्ट’ के संस्थापक हिमांशु जांगिड़ ने कहा, ‘‘यह केवल 3,500 किलोमीटर की यात्रा नहीं थी, बल्कि लोगों तक पहुंचने और उनकी कहानियों के जरिए राजस्थान को समझने की यात्रा थी।’’

उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान राजस्थान को अलग-अलग नजरियों से देखने और राज्यभर के लोगों से संवाद का अवसर मिला।

जांगिड़ ने बताया कि यात्रा के दौरान जुटाई गई सामग्री को तस्वीरों और वीडियो के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।

भाषा बाकोलिया शफीक

शफीक


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