उप्र: हत्या मामले में पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की सजा

उप्र: हत्या मामले में पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की सजा

उप्र: हत्या मामले में पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की सजा
Modified Date: March 13, 2026 / 11:15 am IST
Published Date: March 13, 2026 11:15 am IST

लखीमपुर खीरी (उप्र), 13 मार्च (भाषा) लखीमपुर खीरी जिले की एक अदालत ने 2018 में चौखरिया गांव में एक व्यक्ति की हत्या के मामले में पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) फौजदारी अरविंद त्रिपाठी ने शुक्रवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि अदालत ने इसी मामले में दो अन्य आरोपियों मालती और उसके बेटे जंडैल को बरी कर दिया है।

त्रिपाठी ने कहा कि आरोपियों की रमेश यादव के साथ पुरानी रंजिश थी, जिन्होंने चार जून, 2018 को भीरा पुलिस सीमा के अंतर्गत चौखरिया गांव में आग्नेयास्त्रों और तेज धार वाले हथियारों से यादव की हत्या कर दी थी।

उन्होंने कहा कि पुलिस ने रमेश यादव के बेटे संदीप कुमार की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए वीरेंद्र, उसके बेटे लायक सिंह, वीरेंद्र के भाई मालती और मालती के बेटे जंडैल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (भादस) की धारा 302 (हत्या के लिए सजा), 34 (सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने के लिए कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्य) और 506 (आपराधिक धमकी के लिए सजा) और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।

डीजीसी त्रिपाठी ने कहा कि पुलिस ने आग्नेयास्त्र और तेज धार वाले हथियार बरामद करने के अलावा उसी दिन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

उन्होंने कहा कि पुलिस ने मामले की जांच की और अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।

त्रिपाठी ने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिव कुमार सिंह ने बुधवार (11 मार्च) को वीरेंद्र और उसके बेटे लायक सिंह को हत्या का दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

अदालत ने उनमें से प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

भाषा सं जफर सुरभि

सुरभि


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