उप्र : विपरीत परिस्थितियों में भी लखीमपुर खीरी के छात्र ने हासिल किया शीर्ष स्थान

उप्र : विपरीत परिस्थितियों में भी लखीमपुर खीरी के छात्र ने हासिल किया शीर्ष स्थान

उप्र : विपरीत परिस्थितियों में भी लखीमपुर खीरी के छात्र ने हासिल किया शीर्ष स्थान
Modified Date: April 25, 2026 / 05:43 pm IST
Published Date: April 25, 2026 5:43 pm IST

लखीमपुर खीरी, 25 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में बाढ़ प्रभावित धौरहरा तहसील के एक छात्र उमा शंकर जायसवाल ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद उत्तर प्रदेश बोर्ड इंटरमीडिएट (12वीं कक्षा) की परीक्षा में जिले में शीर्ष स्थान हासिल कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।

परिवार की जमीन घाघरा नदी के कटाव में बह जाने के बाद उमा शंकर का परिवार तटबंध पर बनी अस्थायी झोपड़ी में रह रहा है। आर्थिक तंगी और विस्थापन के कारण उसके पास स्मार्टफोन और टेलीविजन जैसी सुविधाएं भी नहीं थीं, फिर भी उसने अनुशासन और निरंतर परिश्रम के बल पर सफलता पाई।

लखीमपुर खीरी जिले के नैनीपुर क्षेत्र के एक विद्यालय में अध्ययनरत उमा शंकर ने विज्ञान वर्ग में 93 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिला मेरिट सूची में पहला स्थान हासिल किया।

अधिकारियों के अनुसार, छात्र की इस उपलब्धि पर जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित रामनगर बाघा गांव पहुंचकर उसे व्यक्तिगत रूप से बधाई दी।

जिलाधिकारी ने उमा शंकर को माला पहनाकर सम्मानित किया और उपहार भेंट किए। इस दौरान जिलाधिकारी ने उमा शंकर के साधारण आवास में चारपाई पर बैठकर उससे उसके भविष्य के सपनों के बारे में भी बातचीत की।

उमा शंकर ने इंजीनियर बनने की इच्छा जताई और कविता व गजल लेखन में अपनी रुचि भी साझा की।

जिलाधिकारी ने उसकी मेहनत और प्रतिभा की सराहना करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए हर संभव प्रशासनिक सहायता देने का आश्वासन दिया।

अधिकारियों ने बताया कि जिलाधिकारी ने उमा शंकर के पिता भगौती प्रसाद, माता कामना और बड़े भाई ओम प्रकाश की भी सराहना की, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में उसका उत्साहवर्धन किया।

भाषा

सं, आनन्‍द रवि कांत


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