चढ़ावा चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर बल प्रयोग के मुद्दे पर रास में हंगामा, बैठक 12 बजे तक स्थगित

चढ़ावा चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर बल प्रयोग के मुद्दे पर रास में हंगामा, बैठक 12 बजे तक स्थगित

चढ़ावा चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर बल प्रयोग के मुद्दे पर रास में हंगामा, बैठक 12 बजे तक स्थगित
Modified Date: August 5, 2026 / 12:00 pm IST
Published Date: August 5, 2026 12:00 pm IST

नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी और नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण बुधवार को राज्यसभा की बैठक शुरू होने के कुछ देर बाद दोपहर बारह बजे तक स्थगित कर दी गई।

हंगामे के कारण उच्च सदन में शून्यकाल नहीं हो पाया।

पूर्वाह्न 11 बजे बैठक शुरू होने पर सभापति सी पी राधाकृष्णन ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए और शून्यकाल के तहत सदस्यों से लोकमहत्व से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए कहा।

इसी दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित विपक्षी सदस्यों ने अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी और नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग दोहराई।

सभापति ने सदस्यों ने शून्यकाल चलने देने की अपील की। उन्होंने शून्यकाल के तहत मुद्दे उठाने के लिए सदस्यों के नाम पुकारे लेकिन विपक्षी सदस्यों ने अपनी मांग के समर्थन में नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया। कुछ सदस्य अपने स्थानों से उठकर आगे आ गए। सभापति ने इन सदस्यों को अपने स्थानों पर लौट जाने के लिए कहा।

हंगामे के बीच ही कुछ सदस्यों ने शून्यकाल के तहत लोकमहत्व से जुड़े मुद्दे उठाए। एक सदस्य ने व्यवस्था का प्रश्न उठाया जिसे सभापति ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि जब सदन में व्यवस्था ही नहीं है तो व्यवस्था के प्रश्न का सवाल भी नहीं उठता।

राधाकृष्णन ने हंगामा कर रहे सदस्यों से शांत रहने और शून्यकाल चलने देने की अपील की। अपनी बात का असर होते न देख उन्होंने 11 बजकर 24 मिनट पर बैठक को दोपहर बारह बजे तक स्थगित कर दिया।

संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ है और अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी और नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई सहित विभिन्न मुद्दों पर गतिरोध बने होने के कारण उच्च सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही है।

भाषा

मनीषा वैभव

वैभव


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