ओडिशा विधानसभा के विशेष सत्र में कंकाल प्रकरण को लेकर हंगामा

ओडिशा विधानसभा के विशेष सत्र में कंकाल प्रकरण को लेकर हंगामा

ओडिशा विधानसभा के विशेष सत्र में कंकाल प्रकरण को लेकर हंगामा
Modified Date: April 30, 2026 / 03:15 pm IST
Published Date: April 30, 2026 3:15 pm IST

भुवनेश्वर, 30 अप्रैल (भाषा) ओडिशा विधानसभा में बृहस्पतिवार को ‘भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी’ विषय पर चर्चा के लिए आयोजित विशेष सत्र के दौरान क्योंझर में एक व्यक्ति द्वारा अपनी बहन का कंकाल बैंक ले जाने के प्रकरण को लेकर हंगामा हुआ।

इस मामले के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने कुछ समय के लिए सदन से बहिर्गमन किया।

जैसे ही सत्र की कार्यवाही शुरू हुई, कांग्रेस सदस्य तख्तियां लेकर अध्यक्ष के आसन के समक्ष पहुंच गए और क्योंझर प्रकरण को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की आलोचना की।

वहीं, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण संबंधी संविधान संशोधन विधेयक विपक्षी दलों के कारण लोकसभा में पारित नहीं हो सका और उन्होंने सदन में संबंधित विषय पर बहस किए जाने पर बल दिया।

कांग्रेस विधायकों ने कंकाल प्रकरण को लेकर नारे लगाए, हालांकि विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाधी ने कार्यवाही जारी रखने की अनुमति दी, जिसके चलते विपक्षी दल के विधायकों ने थोड़ी देर के लिए सदन से बहिर्गमन किया।

विशेष सत्र के विषय पर चर्चा शुरू करते हुए मुख्यमंत्री माझी ने ओडिशा में बीजद के 24 साल के शासन पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘पंचायती राज व्यवस्था में बीजद द्वारा महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करना पर्याप्त नहीं था। उन्हें लोकसभा और विधानसभा में भी महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने का प्रावधान करना चाहिए था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘बीजद ने पंचायत स्तर पर महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व का प्रावधान किया, लेकिन विधानसभा और लोकसभा में इसका समर्थन नहीं किया।’’

वहीं, नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने क्योंझर प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘असंवेदनशील राज्य सरकार ओडिशा की जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी है।’’

आदिवासी व्यक्ति की पीड़ा को ‘‘दर्दनाक’’ बताते हुए पटनायक ने कहा, ‘‘ओडिशा का सिर शर्म से झुक गया है क्योंकि एक महिला के कंकाल को उसके परिवार द्वारा कब्र से निकालकर बैंक ले जाना पड़ा ताकि उसकी मृत्यु साबित करके उसके खाते से पैसा निकाला जा सके।’’

ओडिशा के क्योंझर जिले में एक आदिवासी व्यक्ति सोमवार को अपनी मृत बहन का कंकाल लेकर बैंक में उसके नाम पर जमा पैसे निकालने पहुंचा। यह मामला क्योंझर जिले के पटना ब्लॉक में स्थित ओडिशा ग्रामीण बैंक की मालीपोसी शाखा का है।

व्यक्ति की पहचान डियानाली गांव के जीतू मुंडा (50) के रूप में हुई है। उसकी बड़ी बहन कालरा मुंडा (56) की मृत्यु 26 जनवरी 2026 को हुई थी और वह उसके बैंक खाते से 20,000 रुपये निकालना चाहता था।

कांग्रेस विधायक दल के नेता रामचंद्र कदम ने भी क्योंझर का मुद्दा उठाया और कहा, ‘‘एक गरीब आदिवासी व्यक्ति को अपनी बहन की मृत्यु का प्रमाण देने के लिए उसका कंकाल खोदकर निकालने के लिए मजबूर किया गया। इस सरकार ने आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए ‘पेसा’ नियमों को लागू नहीं किया है।’

भाषा

शफीक संतोष

संतोष


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