वेनेजुएला पर अमेरिकी हमला संयुक्त राष्ट्र चार्टर का घोर उल्लंघन: वामदल
वेनेजुएला पर अमेरिकी हमला संयुक्त राष्ट्र चार्टर का घोर उल्लंघन: वामदल
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, चार जनवरी (भाषा) वामपंथी दलों ने वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले को रविवार को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का घोर उल्लंघन करार दिया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बयानों की भी कड़ी निंदा की।
वाम दलों ने वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई के खिलाफ यहां जंतर-मंतर पर प्रदर्शन भी किया।
उन्होंने एक बयान में कहा कि वे “वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी आक्रामकता और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो तथा उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के अपहरण की कड़ी निंदा करते हैं।”
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन (भाकपा माले लिबरेशन), ऑल इंडिया फॉर्वर्ड ब्लॉक (एआईएफबी) और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) की ओर से संयुक्त रूप से जारी बयान में कहा गया है कि यह एक संप्रभु देश के खिलाफ किया गया हमला है, जो संयुक्त राष्ट्र चार्टर का घोर उल्लंघन है।
बयान के मुताबिक, “अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि वे वेनेजुएला के तेल भंडार पर कब्जा कर लेंगे, जिससे इस आक्रामकता के पीछे की असली मंशा उजागर हो गई। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने एक कदम आगे बढ़कर चेतावनी दी कि क्यूबा और मैक्सिको उनका अगला निशाना होंगे।”
इसमें कहा गया है, “अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति 2025 के जारी होने के कुछ दिनों बाद आए ये बयान स्पष्ट करते हैं कि अमेरिकी साम्राज्यवाद पूरी दुनिया पर अपना वर्चस्व स्थापित करना चाहता है, भले ही इसके लिए सैन्य हमले करने पड़ें। अमेरिका कुख्यात मुनरो सिद्धांत के ट्रंप संस्करण को लागू करना चाहता है, जो पूरे पश्चिमी गोलार्ध को अपना हिस्सा मानता है और उस पर अपना शासन चलाना चाहता है।”
बयान में वाम दलों ने कहा कि वेनेजुएला से आ रही रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि लोग अमेरिकी आक्रामकता के खिलाफ और अपने देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए बड़ी संख्या में लामबंद हो रहे हैं।
उन्होंने कहा, “हम वेनेजुएला के संघर्षरत लोगों के प्रति अपना पूर्ण समर्थन और एकजुटता व्यक्त करते हैं।”
वाम दलों ने अमेरिकी आक्रामकता का विरोध जताने और लातिन अमेरिका के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों का भी आह्वान किया।
उन्होंने कहा, “हम अपने देश के सभी शांतिप्रिय और साम्राज्यवाद-विरोधी लोगों से अपील करते हैं कि वे बड़ी संख्या में एकजुट होकर इन विरोध-प्रदर्शनों में सक्रिय रूप से हिस्सा लें। भारत सरकार को दुनिया के अन्य देशों की तरह अमेरिकी आक्रामकता की खुलकर निंदा करनी चाहिए और वेनेजुएला के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए।”
शनिवार को वेनेजुएला पर हमले और मादुरो को अपदस्थ कर देश से बाहर ले जाए जाने के कुछ घंटों बाद ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला में सत्ता के सुरक्षित, उचित और विवेकपूर्ण हस्तांतरण तक अमेरिका उस देश का प्रशासन संभालेगा और अन्य देशों को बेचने के लिए इसके विशाल तेल भंडार का दोहन करेगा।
भाषा पारुल प्रशांत
प्रशांत

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