उप्र : श्रावस्ती में पुलिस वाहन से गिरने के बाद व्यक्ति की मौत, लेखपाल और राजस्व निरीक्षक निलंबित
उप्र : श्रावस्ती में पुलिस वाहन से गिरने के बाद व्यक्ति की मौत, लेखपाल और राजस्व निरीक्षक निलंबित
श्रावस्ती, 23 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में जमीन विवाद को लेकर सरकारी कार्रवाई के दौरान पांच महिलाओं के साथ पुलिस थाने ले जाए जा रहे 46 वर्षीय एक व्यक्ति की कथित रूप से पुलिस वाहन से गिरने के बाद मौत हो गई। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
प्रशासन ने प्रथम दृष्टया लापरवाही के आरोप में एक लेखपाल और राजस्व निरीक्षक को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना की निष्पक्ष जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति भी गठित की गई है।
अधिकारियों के अनुसार, घटना मंगलवार को इकौना तहसील के गिलौला थाना क्षेत्र के सिसवारा गांव में हुई। दो पक्षों के बीच जमीन विवाद की शिकायत पर इकौना के उप जिलाधिकारी के निर्देश पर नायब तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व टीम पुलिसकर्मियों के साथ गांव पहुंची थी।
जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग और पुलिस अधीक्षक राहुल भारती की ओर से जारी संयुक्त बयान के अनुसार, कुछ लोगों ने कथित रूप से सरकारी कर्मचारियों की कार्रवाई में बाधा डालने का प्रयास किया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पांच महिलाओं और मदरपुरवा पुरुषोत्तमपुर निवासी कमलेश कुमार (46) को सरकारी वाहन से थाने ले जाया जा रहा था।
अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रकेश सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि नायब तहसीलदार उप जिलाधिकारी के निर्देश पर राजस्व टीम के साथ मौके पर गए थे, जबकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि सरकारी काम में कथित बाधा डालने के बाद पांच महिलाओं और कमलेश को थाने ले जाया जा रहा था, तभी कमलेश ने कथित रूप से वाहन का दरवाजा खोलकर छलांग लगा दी।
पुलिस के अनुसार, वाहन से गिरने के कारण कमलेश गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें गिलौला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने उन्हें भीनगा स्थित संयुक्त जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता वाली जांच समिति में एक उप जिलाधिकारी और एक क्षेत्राधिकारी भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जांच में यदि कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
मृतक के परिवार ने हालांकि, पुलिस के इस दावे को खारिज किया है कि कमलेश ने चलते वाहन से छलांग लगाई थी। परिवार का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें वाहन से बाहर धक्का दिया।
कमलेश की भाभी रत्ना देवी, भतीजे सुनील कुमार और बेटी खुशबू ने आरोप लगाया कि उनका परिवार करीब 16 वर्षों से जमीन विवाद को लेकर मुकदमा लड़ रहा था और विवादित संपत्ति के संबंध में उच्च न्यायालय का स्थगन आदेश भी लागू था।
परिवार का आरोप है कि स्थगन आदेश के बावजूद दूसरे पक्ष की ओर से विवादित जमीन पर निर्माण कराया जा रहा था। इसका विरोध करने पर राजस्व और पुलिसकर्मियों ने उनके परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। उन्होंने दावा किया कि कमलेश को भी बुरी तरह पीटा गया था और उनके मुंह से खून निकल रहा था।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि कमलेश को पुलिस वाहन में बैठाने के बाद चलते वाहन से बाहर धक्का दे दिया गया। उन्होंने आशंका जताई कि वाहन के अंदर ही उनकी हालत गंभीर हो गई थी।
एक अन्य प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि जांच समिति घटनाक्रम की पूरी कड़ी, राजस्व और पुलिस टीमों की भूमिका तथा कमलेश के वाहन से गिरने की परिस्थितियों की जांच करेगी।
अधिकारियों ने बताया कि एहतियात के तौर पर इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
भाषा
सं, राजेंद्र शफीक रवि कांत

Facebook


