कानपुर (उप्र), 23 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार ने कानपुर देहात के एक सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य को उसके दफ्तर की मेज पर नोटों की गड्डियां रखी होने की तस्वीरें वायरल होने के बाद निलंबित कर दिया गया।
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने वायरल तस्वीरों और संस्थान में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों का संज्ञान लेने के बाद चिकित्सा महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य हरप्रीत सिंह के खिलाफ यह कार्रवाई की।
एक अधिकारी ने बताया कि सोशल मीडिया मंचों पर वायरल तस्वीरों में कार्यवाहक प्राचार्य की मेज पर नोटों की गड्डियां दिखाई दीं, जिससे उन पर भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और वित्तीय गड़बड़ी के आरोप लगे।
उन्होंने बताया कि विवाद के बाद राज्य सरकार ने इस मामले में रिपोर्ट तलब की और शुरुआती जांच रिपोर्ट तथा आरोपों की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक कार्रवाई शुरू की और विभागीय जांच के आदेश दिए।
हालांकि हरप्रीत सिंह ने खुद पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें ‘पूरी तरह बेबुनियाद’ बताया और कहा कि यह उन्हें बदनाम करने की सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।
सिंह ने दावा किया कि उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालय में कथित अनियमितताओं को लेकर कई प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी और इसी वजह से उनकी छवि खराब करने की कोशिशें की गयी हैं।
सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ”मेरे पास छुपाने के लिए कुछ नहीं है। मैं किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार हूं और जांच में पूरा सहयोग करूंगा।”
वायरल तस्वीरों के बारे में पूछने पर सिंह ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति नोटों की गड्डियां लेकर उनके दफ्तर में दाखिल हुआ और गड्डियां उनकी मेज पर रखकर चुपके से वीडियो रिकॉर्ड करने की कोशिश की।
उन्होंने कहा, ”मैंने तुरंत नोटों की गड्डियां हटाने के लिए कहा और वह कार्यालय से बाहर निकल गया। यह मुझे फंसाने की कोशिश है।”
भाषा सं. सलीम धीरज
धीरज