उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने विषैले सांपों को रखने, उनका विष निकालने के आरोपी को जमानत दी

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने विषैले सांपों को रखने, उनका विष निकालने के आरोपी को जमानत दी

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने विषैले सांपों को रखने, उनका विष निकालने के आरोपी को जमानत दी
Modified Date: April 25, 2026 / 12:32 am IST
Published Date: April 25, 2026 12:32 am IST

देहरादून, 24 अप्रैल (भाषा) उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने विषैले सांपों को रखने और उनका विष निकालने के आरोपी नितिन कुमार को जमानत दे दी।

न्यायमूर्ति आशीष नैथानी ने मामले की सुनवाई करते हुए पिछले साल अक्टूबर से न्यायिक हिरासत के तहत कारागार में बंद आरोपी कुमार को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए।

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर निवासी कुमार के खिलाफ विषैले सांपों को रखने और उनका विष निकालने के आरोप में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी थी और वह अक्टूबर 2025 से न्यायिक हिरासत में था।

मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से दलील दी गई कि उसके पास जीवन रक्षक दवाइयों के निर्माण के लिए सांप के विष का उपयोग करने का वैध लाइसेंस था, जो 31 दिसंबर 2023 तक वैध था। उसने नवीनीकरण के लिए आवेदन किया था लेकिन प्रक्रिया लंबित रही।

अदालत को यह भी सूचित किया गया कि आरोपी ने सांपों को छोड़ने की अनुमति के लिए भी आवेदन किया था, लेकिन इस संबंध में भी अधिकारियों द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया गया था।

कुमार के कब्जे से 89 विषैले सांप बरामद किए गए थे। हालांकि, अदालत ने पाया कि मात्र संख्या से सांपों का अवैध रूप से रखा जाना साबित नहीं होता, विशेषकर तब जब पहले से ही कुमार पास वैध लाइसेंस मौजूद था।

जमानत का विरोध करते हुए राज्य सरकार ने दलील दी कि लाइसेंस की अवधि समाप्त हो गई थी और कुछ सांप मर भी गए थे। यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपी विष के अवैध व्यापार में संलिप्त था।

अदालत ने पाया कि प्रथम दृष्टया, मामला लाइसेंस के नवीनीकरण में देरी और चूक से संबंधित प्रतीत होता है। उसने कहा कि यह अवैध व्यापार का मामला है या नहीं, इसका निर्धारण केवल मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही किया जा सकता है।

भाषा सं दीप्ति धीरज

धीरज


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