उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने कुंड बाईपास निर्माण को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने कुंड बाईपास निर्माण को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने कुंड बाईपास निर्माण को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया
Modified Date: January 3, 2026 / 12:04 am IST
Published Date: January 3, 2026 12:04 am IST

नैनीताल, दो जनवरी (भाषा) उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने रुद्रप्रयाग जिले के कुंड में निर्माणाधीन बाईपास से संबंधित एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी और निर्माण कार्य में लगी कार्यकारी संस्था को एक सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।

इस याचिका में सैमी धसारी गांव की तलहटी में और उसके आसपास तथा चार धाम यात्रा मार्ग पर स्थित केदारनाथ राजमार्ग पर पत्थर गिरने और निर्माण कार्य से निकलने वाले मलबे को मंदाकिनी नदी में फेंके जाने पर चिंता व्यक्त की गई है।

मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की अदालत ने की। पीठ ने रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी और कार्यकारी एजेंसी को एक सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा।

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रुद्रप्रयाग जिले में सैमी धसारी गांव निवासी मदन सिंह बिष्ट ने उच्च न्यायालय में दायर याचिका में कहा कि कुंड में बाईपास के निर्माण के कारण पहाड़ की तलहटी में स्थित गांव के साथ-साथ केदारनाथ राजमार्ग पर भी पत्थर गिर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, निर्माण कार्य से उत्पन्न मलबा मंदाकिनी नदी में बहाया जा रहा है।

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के दौरान कार्यकारी एजेंसी ने कोई सुरक्षा उपाय नहीं अपनाए हैं और न ही मलबे के निस्तारण के लिए कोई डंपिंग जोन बनाया गया है। याचिका में कहा गया है कि निर्माण कार्य के दौरान लगातार मलबा गिरने से केदारनाथ राजमार्ग और ग्रामीणों की सुरक्षा को गंभीर खन्तरा पैदा हो गया है।

इस याचिका के माध्यम से उच्च न्यायालय से प्रार्थना की गई है कि वह निर्माण कार्य के दौरान ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त उपाय सुनिश्चित करने हेतु कार्यकारी एजेंसी को निर्देश जारी करे।

भाषा सं दीप्ति धीरज

धीरज


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