उत्तराखंड: बिना परमिट श्रद्धालुओं के आदि कैलाश क्षेत्र में पहुंचने संबंधी मामले की जांच के आदेश

उत्तराखंड: बिना परमिट श्रद्धालुओं के आदि कैलाश क्षेत्र में पहुंचने संबंधी मामले की जांच के आदेश

उत्तराखंड: बिना परमिट श्रद्धालुओं के आदि कैलाश क्षेत्र में पहुंचने संबंधी मामले की जांच के आदेश
Modified Date: April 17, 2026 / 04:11 pm IST
Published Date: April 17, 2026 4:11 pm IST

पिथौरागढ़, 17 अप्रैल (भाषा) उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में बिना इनर लाइन परमिट के कुछ श्रद्धालुओं के कथित रूप से प्रतिबंधित आदि कैलाश सीमा क्षेत्र में प्रवेश करने संबंधी खबरों पर संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) को मामले की जांच के आदेश दिए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

धारचूला के उपजिलाधिकारी आशीष जोशी ने शुक्रवार को बताया कि उन्होंने आईटीबीपी के अधिकारियों से मामले की जांच कर उन्हें इस संबंध में वस्तुस्थिति से अवगत कराने को कहा है।

जोशी ने बताया, “सोशल मीडिया पर कुछ श्रद्धालुओं द्वारा बिना इनर लाइन परमिट के व्यास घाटी में छियालेख के आगे प्रतिबंधित क्षेत्र तक चले जाने के संबंध में खबरें आ रही हैं। मैंने इस संबंध में आईटीबीपी अधिकारियों से पांच दिनों में जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है।”

आदि कैलाश यात्रा की घोषणा होने के बाद वहां जाने के इच्छुक श्रद्धालुओं के लिए इनर लाइन परमिट जारी किए जाते हैं।

उन्होंने बताया, “स्थानीय ग्रामीणों और सुरक्षा बलों के अलावा बिना इनर लाइन परमिट के इन क्षेत्रों में कोई प्रवेश नहीं कर सकता।”

सोशल मीडिया पर खबरें प्रसारित हो रही हैं कि ट्रांसपोर्टर कुछ दिनों पहले आईटीबीपी के सुरक्षा बलों को चकमा देकर कुछ श्रद्धालुओं को बिना इनर लाइन परमिट के आदि कैलाश क्षेत्र में ले गए।

इस बीच, आदि कैलाश यात्रा संचालन की नोडल संस्था कुमांउ मंडल विकास निगम ने बताया कि इस वर्ष यह यात्रा आठ मई से शुरू होगी।

धारचूला आधार शिविर के प्रभारी धन सिंह ने बताया कि मानसून से पहले होने वाली यात्रा के पहले चरण में एक जुलाई तक तीर्थयात्रियों के 15 जत्थे आदि कैलाश जाएंगे।

भाषा सं दीप्ति जितेंद्र

जितेंद्र

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