उत्तराखंड में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में शोधार्थियों को मिलेगा 15 लाख रुपये तक का अनुदान
उत्तराखंड में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में शोधार्थियों को मिलेगा 15 लाख रुपये तक का अनुदान
देहरादून, 24 अगस्त (भाषा) उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने के लिए बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दे दी जिसके तहत शोधार्थियों को 15 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद प्रदेश के मुख्य सचिव डॉ. सुखबीर सिंह सन्धु ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2023—24
से प्रारंभ हो रही योजना के तहत मानविकी, सामाजिक विज्ञान, भाषा, साहित्य, पर्यावरण, उत्तराखंड विकास, विज्ञान, पर्यटन, ज्वलंत मुद्दों तथा इंजीनियरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में शिक्षण और शोध को बढ़ावा दिया जाएगा।
राज्य के शासकीय महाविद्यालयों, अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों तथा राज्य विश्वविद्यालय परिसरों में कार्यरत नियमित प्राध्यापक तथा संबंधित संस्थानों में नियमित संस्थागत रूप से अध्ययनरत छात्र एवं शोधार्थी इस योजना का लाभ लेने के पात्र होंगे।
योजना के तहत शोध के लिए अनुदान की अधिकतम राशि 15 लाख रुपये होगी जिसे विशेष परिस्थितियों में बढ़ाकर अधिकतम 18 लाख रुपये तक किया जा सकेगा। अनुदान की राशि तीन किस्तों में दी जाएगी।
एक अन्य निर्णय में, राज्य मंत्रिमंडल ने खेल नीति—2021 के तहत अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले उत्तराखंड के खिलाड़ियों को प्रदेश में राजपत्रित एवं अराजपत्रित पदों पर ‘आउट आफ टर्न’ नौकरी प्रदान करने हेतु व्यवस्था बनाने को भी मंजूरी दे दी।
मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में की गयी एक घोषणा के अनुरूप प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने वाले परीक्षार्थियों को राज्य के भीतर अपने गृह स्थान से परीक्षा केन्द्र तक राज्य परिवहन निगम की बसों में यात्रा करने पर किराए में 50 प्रतिशत छूट प्रदान करने की योजना पर भी मंत्रिमंडल ने अपनी मुहर लगा दी है।
प्रदेश में आधारभूत ढ़ांचे के विकास में तेजी लाने और पीपीपी परियोजनाओं को विकसित करने के लिए उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास बोर्ड के गठन के लिए लाए गए अध्यादेश को अधिनियम का रूप देने के लिए उसे राज्य विधानसभा में रखे जाने को भी मंत्रिमंडल ने स्वीकृति दे दी।
उधमसिंह नगर जिले में स्थित पंतनगर हवाई अड्डे के रनवे की लंबाई 1372 मीटर से बढ़ाकर तीन हजार मीटर तक करने के लिए करीब 804 एकड़ या 325.51 हेक्टेयर भूमि की जरूरत है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण करने तथा उसकी प्रतिपूर्ति (मुआवजा) के बारे में निर्णय लेने के लिए राज्य मंत्रिमंडल ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने का फैसला लिया है।
एक अन्य निर्णय में, मंत्रिमंडल ने मानव—वन्यजीव संघर्ष में होने वाली जनहानि पर राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली अनुग्रह राशि बढ़ाने तथा ततैया एवं मधुमक्खी को भी वन्यजीवों की सूची में शामिल करने को अपनी मंजूरी दे दी।
राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में इस संबंध में की गयी संस्तुति के आधार पर इन निर्णयों को मंजूरी दी गयी है।
भाषा दीप्ति अर्पणा
अर्पणा

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