वीसीके और वामपंथी दलों ने टीवीके को समर्थन देने के मुद्दे पर विचार नहीं किया है: थिरुमावलवन

वीसीके और वामपंथी दलों ने टीवीके को समर्थन देने के मुद्दे पर विचार नहीं किया है: थिरुमावलवन

वीसीके और वामपंथी दलों ने टीवीके को समर्थन देने के मुद्दे पर विचार नहीं किया है: थिरुमावलवन
Modified Date: May 5, 2026 / 02:47 pm IST
Published Date: May 5, 2026 2:47 pm IST

चेन्नई, पांच मई (भाषा) विदुथलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके) प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने मंगलवार को कहा कि विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) को समर्थन देने के मुद्दे पर उनकी पार्टी या वामपंथी दलों (माकपा और भाकपा) ने अभी तक कोई विचार नहीं किया है।

थिरुमावलन ने जोर देकर कहा कि सभी महत्वपूर्ण राजनीतिक निर्णय तीनों दल मिलकर लेंगे।

टीवीके को समर्थन देने के मुद्दे पर वाम दलों और वीसीके के रुख के बारे में पूछे जाने पर थिरुमावलवन ने पत्रकारों से कहा कि उनकी पार्टी और वामपंथी दल लंबे समय से “धर्मनिरपेक्ष राजनीति” में एकमत रहे हैं।

टीवीके के पास 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत नहीं है।

इसके अलावा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेताओं से घिरे थिरुमावलवन ने कहा, “हम भविष्य में भी महत्वपूर्ण राजनीतिक निर्णय संयुक्त रूप से लेते रहेंगे।”

टीवीके को समर्थन देने के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर न तो विचार किया गया है और न ही कोई निर्णय लिया गया है।

टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इसके बाद द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) ने 59, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) ने 47, कांग्रेस ने पांच, पीएमके ने चार सीटें जीती हैं। आईयूएमएल, माकपा, भाकपा और वीसीके को दो-दो सीटें मिली हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), देसिया मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके) और अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) ने एक-एक सीट जीती है।

राज्य में 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों में वीसीके और वामपंथी दल द्रमुक के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन का हिस्सा बने रहे।

भाषा

प्रचेता रंजन

रंजन


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