मंदिर को मिले चढ़ावे को चंदा कहना हिंदुओं की भावनाओं का अपमान : विहिप

मंदिर को मिले चढ़ावे को चंदा कहना हिंदुओं की भावनाओं का अपमान : विहिप

मंदिर को मिले चढ़ावे को चंदा कहना हिंदुओं की भावनाओं का अपमान : विहिप
Modified Date: June 19, 2026 / 10:57 pm IST
Published Date: June 19, 2026 10:57 pm IST

नयी दिल्ली, 19 जून (भाषा) विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने शुक्रवार को कहा कि श्रद्धालुओं द्वारा मंदिरों में चढ़ाए गए धन को ‘चंदा’ बताना हिंदुओं की भावनाओं का अपमान है।

विहिप ने अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि की चोरी के आरोप लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

विहिप ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शुक्रवार के एक बयान के बाद यह प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा कि अयोध्या को बदनाम करने और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कामकाज पर सवाल उठाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी सच्चाई सामने आएगी।

आदित्यनाथ अयोध्या में स्थित श्री मणिराम दास छावनी में मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के 88वें जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि पिछले कुछ दिन से बिना कोई सबूत दिए दान राशि की चोरी के ‘निराधार और तथ्यहीन’ आरोप लगाने वाले लोगों को एसआईटी की ओर से नोटिस जारी किया जाना चाहिए।

बंसल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘एसआईटी को ऐसे लोगों के खिलाफ हिंदू भावनाएं भड़काने और श्रीराम जन्मभूमि को बदनाम करने की कोशिश करने के लिए कड़ी कार्रवाई की सिफारिश भी करनी चाहिए।’

उन्होंने कहा कि ‘चंदा’ शब्द का हिंदू आस्था और परंपराओं में कोई स्थान नहीं है। बंसल ने आग्रह किया कि राम मंदिर में चढ़ाई गई दान राशि के कथित दुरुपयोग से संबंधित कोई भी तथ्य या सबूत रखने वाले लोग जांच में सहयोग के लिए तुरंत उन्हें एसआईटी को सौंपें।

उन्होंने कहा, ‘हिंदू समाज ऐसे सभी दुर्भावनापूर्ण और भड़काऊ बयानों पर करीबी नजर रख रहा है। वह किसी भी दोषी को नहीं छोड़ेगा।’

राम मंदिर में दान राशि के कथित दुरुपयोग के आरोपों की एसआईटी जांच जारी है।

भाषा जोहेब अविनाश

अविनाश


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