‘सिविल सेवा दिवस’ पर सिविल सेवकों को संबोधित करेंगे उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

'सिविल सेवा दिवस' पर सिविल सेवकों को संबोधित करेंगे उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

‘सिविल सेवा दिवस’ पर सिविल सेवकों को संबोधित करेंगे उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन
Modified Date: April 20, 2026 / 03:36 pm IST
Published Date: April 20, 2026 3:36 pm IST

नयी दिल्ली, 20 अप्रैल (भाषा) उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन मंगलवार को ‘सिविल सेवा दिवस’ के अवसर पर देश के नौकरशाहों को संबोधित करेंगे।

भारत में हर साल सिविल सेवा दिवस मनाया जाता है, जो सिविल सेवकों को नागरिकों के प्रति स्वयं को समर्पित करने और सार्वजनिक सेवा व उत्कृष्टता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर प्रदान करता है।

सिविल सेवा दिवस प्रतिवर्ष देशभर के सिविल सेवकों के लिए नागरिकों के हित में स्वयं को समर्पित करने और लोक सेवा तथा अपने कार्य में उत्कृष्टता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करने का अवसर है।

कार्मिक मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी एक बयान के अनुसार, वर्ष 1947 में इसी दिन सरदार वल्लभभाई पटेल ने अखिल भारतीय प्रशासनिक सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारियों को संबोधित करते हुए सिविल सेवकों को भारत का मजबूत स्तंभ बताया था। यह अवसर सिविल सेवकों को नागरिक-केंद्रित प्रशासन के प्रति अपनी दृढ़ता को नवीनीकृत करने का अवसर प्रदान करता है।

सिविल सेवा दिवस 2026 का विषय है “विकसित भारत: अंतिम छोर तक नागरिक-केंद्रित शासन और विकास”। यह विकसित भारत 2047 की परिकल्पना के अनुरूप है और अंतिम छोर तक सेवाओं की डिलीवरी और समावेशी विकास पर विशेष जोर देते हुए पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित शासन के प्रति सरकार के संकल्‍प को दर्शाता है।

कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के तहत प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग मंगलवार को 18वां सिविल सेवा दिवस का आयोजन करेगा।

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन यहां विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और मुख्य संबोधन देंगे।

उद्घाटन सत्र में केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह का संबोधन और कैबिनेट सचिव टी. वी. सोमनाथन का स्वागत भाषण शामिल होगा।

इसके बाद ‘सिविल सेवाओं की भूमिका और प्रभावशीलता – एक बाह्य परिप्रेक्ष्य’ विषय पर एक पैनल चर्चा होगी।

भाषा सुमित अमित

अमित


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