वीडियो विवाद:पंजाब में कई जगह मुख्यमंत्री मान का सामाजिक बहिष्कार करने की अपील वाले होर्डिंग लगे

वीडियो विवाद:पंजाब में कई जगह मुख्यमंत्री मान का सामाजिक बहिष्कार करने की अपील वाले होर्डिंग लगे

वीडियो विवाद:पंजाब में कई जगह मुख्यमंत्री मान का सामाजिक बहिष्कार करने की अपील वाले होर्डिंग लगे
Modified Date: June 26, 2026 / 09:48 pm IST
Published Date: June 26, 2026 9:48 pm IST

होशियारपुर/चंडीगढ़, 26 जून (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का सामाजिक बहिष्कार करने की अपील करने वाले होर्डिंग राज्य के होशियारपुर, लुधियाना, बठिंडा और अमृतसर सहित विभिन्न शहरों में देखे गए हैं।

इन पोस्टर में 15 जून को अकालतख्त के मंच से सिख धर्मगुरुओं द्वारा जारी उस आदेश का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें एक विवादित वीडियो को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान को ‘गुरु दोखी’ (गुरुओं का विरोधी) और ‘खालसा पंथ विरोधी’ घोषित किया गया था।

अकालतख्त ने इस साल जनवरी में मान को तलब किया था। उन पर ‘गुरु की गोलक’ (गुरुद्वारे का दान-पात्र) के बारे में कथित तौर पर टिप्पणी करने और एक वीडियो क्लिप में सिख गुरुओं एवं मारे गए चरमपंथी जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीरों के साथ ‘‘आपत्तिजनक गतिविधियों’’ में शामिल होने का आरोप था।

होशियारपुर में ये पोस्टर कई स्थानों पर लगाए गए हैं, जिनमें होशियारपुर-चंडीगढ़ मार्ग के पास स्थित गांव बजरावर के निकट गुरुद्वारा हरियां वेलां, चब्बेवाल बस स्टॉप के पास, माहिलपुर में गुरुद्वारा शहीदां लाडेवाली के सामने, टुटो माजरा गांव, माहिलपुर के पुराने बस अड्डे तथा दसूया स्थित गुरुद्वारा गरना साहिब के आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि मुख्यमंत्री से जुड़े मामले में श्री अकालतख्त साहिब द्वारा जारी आदेश के बारे में संगत को जागरूक करने के लिए ये बोर्ड लगाए गए हैं।

मान के खिलाफ 15 जून को आदेश सुनाते हुए अकालतख्त के जत्थेदार कुलदीप सिंह गर्गाजी ने सिख समुदाय को निर्देश दिया था कि वे ‘‘उनसे कोई संबंध न रखें।’’

वहीं, बृहस्पतिवार को मान ने ऐसे बोर्ड लगाए जाने को लेकर एसजीपीसी की भूमिका पर सवाल उठाया।

मान ने कहा, ‘‘गुरुद्वारों के बाहर ऐसे बोर्ड लगाए गए हैं, जिनमें श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों के नाम पर लोगों से मेरा बहिष्कार करने की अपील की जा रही है। मैं दुनिया भर की समूची सिख संगत के साथ श्री अकालतख्त साहिब का पूरा सम्मान करता हूं।’’

उन्होंने सवाल उठाया कि जब शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल को ‘तनखैया’ घोषित किया गया था, तब उनके खिलाफ इसी तरह के बोर्ड क्यों नहीं लगाए गए थे।

उन्होंने कहा, ‘‘जब सुखबीर बादल को ‘तनखैया’ (धार्मिक आचरण का दोषी) घोषित किया गया था, तब उनके खिलाफ ऐसे बोर्ड क्यों नहीं लगाए गए? बेअदबी की घटनाओं और पुलिस गोलीबारी के लिए जिम्मेदार लोगों के सामाजिक बहिष्कार की अपील क्यों नहीं की गई?’’

मान ने शुक्रवार को फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सत्य और सेवा के मार्ग को रोकने के लिए विरोधियों की कोई भी चाल सफल नहीं हो रही है। जो लोग खुद को पंथ का नहीं, बल्कि किसी राजनीतिक दल का सिपाही बताने में लगे हैं, उनका असली चेहरा अब जनता के सामने बेनकाब हो चुका है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम कल भी गुरु के सच्चे सेवक थे, आज भी हैं और भविष्य में भी हमेशा बने रहेंगे।’’

मान ने बृहस्पतिवार को मोहाली में मीडिया को संबोधित करते हुए एक वीडियो दिखाया और दावा किया कि वीडियो में दिख रहे व्यक्ति ने जो मास्क पहना था, वह उनके चेहरे जैसा था।

भाषा आशीष संतोष

संतोष


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