तिरुवनंतपुरम, एक अगस्त (भाषा) केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन ने संयुक्त लोकतांत्रिक गठबंधन (यूडीएफ) सरकार पर ‘पीएम श्री’ योजना पर पूरी तरह से ‘‘पलटने’’ का आरोप लगाते हुए शनिवार को सवाल किया कि इस रुख में बदलाव के पीछे कौन सा ‘‘समझौता’’ हुआ है।
यहां एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार इस केंद्रीय योजना को लागू करने के लिए तैयार नहीं थी, क्योंकि वह इसके तहत राज्य के शिक्षा क्षेत्र में कोई बदलाव नहीं चाहती थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने विपक्ष में रहते हुए इस योजना का कड़ा विरोध किया था और एलडीएफ पर इस मुद्दे को लेकर भाजपा के साथ ‘‘समझौता करने’’ का आरोप लगाया था।
विजयन ने सवाल किया, ‘‘उस समय उन्होंने कहा था कि यह एलडीएफ-भाजपा समझौते का हिस्सा है। अब, यह किस समझौते का हिस्सा है?’’
उन्होंने कहा कि यूडीएफ ने सत्ता में आने तक इस योजना का विरोध जारी रखा, और कुछ नेताओं ने तो यहां तक कहा था कि इस परियोजना को ‘‘अरब सागर में फेंक दिया जाना चाहिए।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री और सामान्य शिक्षा मंत्री अब इसके क्रियान्वयन का बचाव करने लगे हैं।
विजयन ने यूडीएफ की प्रमुख सहयोगी पार्टी ‘इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग’ (आईयूएमएल) पर भी रातों-रात ‘‘अपना रुख बदलने’’ का आरोप लगाया।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता ने बताया कि पूर्ववर्ती एलडीएफ सरकार ने इस योजना के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन बाद में नीतिगत निर्णय के तहत इस प्रक्रिया को रोक दिया था और केंद्र सरकार को औपचारिक रूप से अपने फैसले से अवगत करा दिया था।
भाषा खारी रंजन
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