Indian Railway Premature Retirement: ‘समय से पहले होगा रिटायरमेंट!.. इस डिपार्टमेंट ने की सिफारिश.. सभी ग्रुप ‘A’ के अफसर.. आप भी जानें क्या है वजह

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रेलवे बोर्ड ने पांच ग्रुप 'A' अधिकारियों की समयपूर्व सेवानिवृत्ति की सिफारिश की, साथ ही बिहार में 976 करोड़ रुपये की रेल परियोजना मंजूर की।

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  • Publish Date - August 1, 2026 / 07:05 PM IST,
    Updated On - August 1, 2026 / 07:07 PM IST

Indian Railway Premature Retirement || Image- The Hindu FILE

HIGHLIGHTS
  • पांच ग्रुप 'A' अधिकारियों पर कार्रवाई।
  • सेवा रिकॉर्ड की विस्तृत समीक्षा हुई।
  • बिहार रेल परियोजना को मंजूरी मिली।

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने अपने कुछ अफसरों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। रेलवे बोर्ड की रिव्यू कमेटी ने सार्वजनिक हित में पांच ग्रुप ‘A’ अधिकारियों को समय से पहले सेवानिवृत्त करने की सिफारिश की है। (Indian Railway recommended for Premature Retirement) बताया गया है कि, यह कार्रवाई भारतीय रेलवे स्थापना संहिता के नियम 1802(ए) के तहत की गई है।

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सर्विस रिकॉर्ड के सीव्यू के बाद फैसला

रेल मंत्रालय के मुताबिक रिव्यू कमेटी ने संबंधित अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड का मूल्यांकन किया। इसमें वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट यानी एपीएआर, ईमानदारी से जुड़े रिकॉर्ड, विजिलेंस इनपुट, डिसिप्लिनरी हिस्ट्री और दूसरे जरूरी दस्तावेजों की जांच की गई। सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद समितियों ने एक राय होकर इन अधिकारियों की समयपूर्व सेवानिवृत्ति की सिफारिश की।

इन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई

सिफारिश में भारतीय रेलवे स्वास्थ्य सेवा (IRHS) के दो वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड (SAG) अधिकारी, उत्तरी रेलवे में भारतीय रेलवे सिविल इंजीनियरिंग सेवा (IRSE) के एक जूनियर प्रशासनिक ग्रेड (JAG) अधिकारी, (Indian Railway recommended for Premature Retirement) भारतीय रेलवे विद्युत इंजीनियरिंग सेवा (IRSEE) के एक अधिकारी और पश्चिमी रेलवे में भारतीय रेलवे यातायात सेवा (IRTS) के एक जूनियर प्रशासनिक ग्रेड (JAG) अधिकारी शामिल हैं।

बिहार में 976 करोड़ की रेल परियोजना को मंजूरी

वही दूसरी तरफ भारतीय रेलवे ने बिहार में रेल क्षमता बढ़ाने के लिए 976 करोड़ रुपये की लागत से दानापुर-फतुहा (29 किलोमीटर) रेलखंड के मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी है। इसके तहत दानापुर से पटना के बीच तीसरी और चौथी लाइन, राजेंद्र नगर से पटना साहिब के बीच तीसरी लाइन तथा पटना साहिब से फतुहा के बीच तीसरी और चौथी लाइन बिछाई जाएगी। रेलवे का कहना है कि इस परियोजना से पटना रेल कॉरिडोर पर भीड़भाड़ कम होगी, ट्रेनों की समयपालन में सुधार होगा और यात्री व मालगाड़ियों के संचालन की क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।

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रेलवे बोर्ड ने कितने अधिकारियों की समयपूर्व सेवानिवृत्ति की सिफारिश की?

रेलवे बोर्ड की समीक्षा समितियों ने पांच ग्रुप 'A' अधिकारियों की समयपूर्व सेवानिवृत्ति की सिफारिश की।

यह कार्रवाई किस आधार पर की गई?

सेवा रिकॉर्ड, एपीएआर, ईमानदारी, विजिलेंस इनपुट और अनुशासनात्मक रिकॉर्ड की समीक्षा के आधार पर।

बिहार की नई रेल परियोजना में क्या होगा?

दानापुर-फतुहा रेलखंड पर नई लाइनों से क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों का संचालन बेहतर होगा।