विजयवर्गीय का विवादित टिप्पणियों से रहा है पुराना नाता

विजयवर्गीय का विवादित टिप्पणियों से रहा है पुराना नाता

विजयवर्गीय का विवादित टिप्पणियों से रहा है पुराना नाता
Modified Date: January 1, 2026 / 09:26 pm IST
Published Date: January 1, 2026 9:26 pm IST

इंदौर/भोपाल, एक जनवरी (भाषा)मध्यप्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का विवादों से नाता पुराना है। वह पहले भी कई बार अपनी कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के कारण मुश्किलों में फंस चुके हैं और वर्तमान में इंदौर दूषित पेयजल कांड को लेकर कैमरे पर की गई ‘अशोभनीय’ टिप्पणियों के लिए आलोचना का सामना कर रहे हैं।

ताज़ा मामले में शहरी विकास, आवास और संसदीय मामलों के प्रमुख विभागों को संभालने वाले विजयवर्गीय ने इंदौर में अपने ही निर्वाचन क्षेत्र में दूषित जल के बारे में एक टीवी पत्रकार द्वारा तीखे सवाल किए जाने पर ना सिर्फ अपना आपा खोया बल्कि कैमरे पर आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया, जिसके बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।

इस वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद विजयवर्गीय ने बयान जारी करके खेद जताया।

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भागीरथपुरा, विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र ‘इंदौर-1’ के अंतर्गत आता है जहां दूषित जल पीने से चार लोगों की मौत हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने के कारण डायरिया के प्रकोप से अब तक चार लोगों की मौत हुई है, जबकि 272 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया गया है। इनमें से 71 लोगों को उपचार के बाद छुट्टी दी जा चुकी है।

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीपीसी) के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)नेता पर अहंकार और असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।

विजयवर्गीय पूर्व में भी ऐसी विवादास्पद टिप्पणियां कर चुके हैं।

विजयवर्गीय ने अगस्त 2025 में दावा किया था कि भारत ने 15 अगस्त, 1947 को जो स्वतंत्रता हासिल की, वह एक ‘‘कटी-फटी’’ स्वतंत्रता थी।

इंदौर में स्वतंत्रता दिवस के एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ‘‘अखंड भारत’’ का विचार व्यक्त करते हुए कहा था कि एक दिन आएगा जब इस्लामाबाद में भारतीय ध्वज फहराया जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि यह दृष्टिकोण ‘‘वास्तव में एकीकृत और पूर्ण भारत’’ के सपने को पूरा करेगा।

उस समय कांग्रेस ने विजयवर्गीय पर भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान करने का आरोप लगाया था जबकि भाजपा ने मंत्री का बचाव करते हुए कहा कि वह पिछले शासन की आलोचना कर रहे थे।

विजयवर्गीय को अक्टूबर 2025 में इंदौर में दो ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटरों के साथ कथित छेड़छाड़ के मामले पर की गई अपनी टिप्पणी के कारण व्यापक आलोचना का सामना करना पड़ा था।

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को अपने होटल से बाहर निकलने से पहले अधिकारियों को सूचित करना चाहिए था और इस घटना को अधिकारियों और क्रिकेटरों दोनों के लिए एक ‘सबक’ बताया था।

विजयवर्गीय ने कहा कि क्रिकेटरों के भारत में बेहद लोकप्रिय होने पर खिलाड़ियों को सार्वजनिक रूप से बाहर जाने से पहले अपनी सुरक्षा या स्थानीय प्रशासन को सूचित करना चाहिए।

अप्रैल 2023 में विजयवर्गीय ने इंदौर में एक धार्मिक समारोह में यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया था कि ‘‘खराब या छोटे कपड़े’’ पहनने वाली लड़कियां ‘शूर्पणखा’ (रामायण में रावण की बहन) की तरह दिखती हैं। उस समय वह भाजपा के महासचिव पद पर आसीन थे।

कैबिनेट मंत्री जून 2025 में तब सुर्खियों में आए जब कहा कि वह महिलाओं के छोटे कपड़े पहनने की प्रवृत्ति को अस्वीकार करते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह सुंदरता की एक विदेशी अवधारणा है और भारतीय परंपरा के अनुरूप नहीं है।

भारतीय संस्कृति का हवाला देते हुए भाजपा नेता ने कहा था कि वह महिलाओं को देवी का रूप मानते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर यहां (भारत में) कोई लड़की अच्छे और सुंदर कपड़े पहनती है, अच्छा मेकअप करती है और अच्छे गहने पहनती है, तो लोग उसे बहुत खूबसूरत मानते हैं। लेकिन विदेश में अगर कोई (महिला) कम कपड़े पहनती है तो उसे अच्छा माना जाता है।’’

विजयवर्गीय ने कहा कि अब यह उनकी (विदेशियों की) सोच है।

जनवरी 2013 में बलात्कार की लगातार बढ़ती घटनाओं पर टिप्पणी करते हुए विजयवर्गीय ने जो कहा था, ‘‘एक ही शब्द है मर्यादा। मर्यादा का उल्लंघन होता है तो सीता हरण हो जाता है। लक्ष्मण रेखा हर व्यक्ति की खींची गई है। उस लक्ष्मण रेखा को कोई भी पार करेगा तो रावण सामने बैठा है, वह सीता हरण करके ले जाएगा।’’

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव रहे विजयवर्गीय की इस टिप्पणी से काफी विवाद हुआ था और में भाजपा को इस पर सफाई देनी पड़ी थी।

कई मौकों पर आलोचनाओं का जवाब देते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि उन्होंने सिर्फ संस्कृति और मूल्यों पर अपने निजी विचार व्यक्त किए और महिलाओं या खिलाड़ियों का अपमान करने का उनका कोई इरादा नहीं था।

विपक्षी कांग्रेस ने विजयवर्गीय के बयानों को लेकर उन पर बार-बार निशाना साधा है और आरोप लगाया है कि उनकी टिप्पणी एक मंत्री के नाते बेहद अशोभनीय है, जबकि भाजपा का कहना है कि उनकी टिप्पणियों को अक्सर गलत तरीके से पेश किया जाता है और संदर्भ से बाहर ले जाया जाता है।

भाषा हर्ष ब्रजेन्द्र धीरज

धीरज


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