‘विकसित भारत-जी राम जी’ योजना मनरेगा से बेहतर, कांग्रेस गलत सूचना फैला रही: शिवराज
‘विकसित भारत-जी राम जी’ योजना मनरेगा से बेहतर, कांग्रेस गलत सूचना फैला रही: शिवराज
नयी दिल्ली, चार जनवरी (भाषा) ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए रविवार को कहा कि कांग्रेस विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (वीबी-जी राम जी) योजना को लेकर गलत सूचना फैला रही है।
शिवराज ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में ‘विकसित भारत-जी राम जी’ योजना के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान की घोषणा के लिए कांग्रेस की आलोचना की और पूछा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सदन में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान मौजूद क्यों नहीं थे।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ की घोषणा की है। यह वास्तव में भ्रष्टाचार बचाओ अभियान है।”
शिवराज ने आरोप लगाया, “मनरेगा भ्रष्टाचार का पर्याय बन गया था। ग्राम सभाओं की ओर से किए गए सामाजिक ऑडिट में 10,51,000 से अधिक शिकायतें मिलीं। एक ही काम दोहराया गया, काम मशीन से कराया गया, नहरों एवं सड़कों की सफाई के नाम पर धन की हेरा-फेरी की गई। 30 फीसदी मजदूर 60 साल से अधिक उम्र के थे।”
उन्होंने सवाल किया, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के तहत 8,48,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि उपलब्ध कराई गई, जबकि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की पूर्ववर्ती सरकार के दौरान दो लाख करोड़ रुपये से अधिक दिए गए। क्या स्थायी संपत्तियां बनाई गईं? क्या इस धन का इस्तेमाल विकास के लिए हो सका?”
शिवराज ने कहा, “कांग्रेस झूठ की फैक्टरी है। अब वह कह रही है कि मजदूरों को काम नहीं मिलेगा।”
उन्होंने दावा किया कि ‘विकसित भारत-जी राम जी’ के तहत मजदूरों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
शिवराज ने कहा कि अगले वित्त वर्ष में इस योजना के लिए 1,51,282 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे, जिसमें से 95,600 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि केंद्र के हिस्से की होगी।
उन्होंने कहा, “125 दिन के लिए पर्याप्त धन है। इससे गांवों का विकास भी सुनिश्चित होगा।”
शिवराज ने दावा किया कि ‘विकसित भारत-जी राम जी’ मनरेगा से बेहतर योजना है।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस से मेरी अपील है कि वह गलत सूचना और झूठ न फैलाए। इसके बजाय, उसे इस योजना को बेहतर बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देना चाहिए।”
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नयी योजना के तहत जल संरक्षण, सड़कों, स्कूलों, आंगनवाड़ी भवनों, अस्पतालों, तालाबों, ‘चेक डैम’, एफपीओ (किसान-उत्पादक संगठन) सुविधाओं और प्राकृतिक आपदा प्रबंधन से संबंधित परियोजनाओं के रूप में ग्रामीण विकास के लिए ठोस कार्य किए जाएंगे।
उन्होंने कहा, “यह योजना गांवों को आत्मनिर्भर और स्वतंत्र बनाने का खाका है।”
शिवराज ने योजना के तहत कृषि के चरम मौसम में 60 दिनों के लिए काम रोके जाने के प्रावधान का भी जिक्र किया और कहा कि इससे खेती-किसानी के लिए श्रम की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
कांग्रेस ने शनिवार को घोषणा की थी कि वह मनरेगा को बहाल करने और ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ को वापस लेने की मांग को लेकर 10 फरवरी से करीब 45 दिवसीय ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ की शुरुआत करेगी। पार्टी ने यह भी कहा था कि वह ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ को न्यायालय में चुनौती देगी।
संसद ने विपक्ष के हंगामे के बीच पिछले साल 18 दिसंबर को ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक 2025’ को मंजूरी दे दी थी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हस्ताक्षर के बाद इसने अधिनियम की शक्ल अख्तियार कर ली है। यह योजना 20 साल पुरानी मनरेगा की जगह लेगी।
भाषा पारुल नरेश
नरेश

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