संसद सत्र में शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही पर चर्चा हुई, तो वांगचुक अनशन खत्म कर देंगे :गीतांजलि
संसद सत्र में शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही पर चर्चा हुई, तो वांगचुक अनशन खत्म कर देंगे :गीतांजलि
नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने रविवार को कहा कि अगर राजनीतिक दलों के नेता सफदरजंग अस्पताल में उनसे (वांगचुक) मुलाकात करते हैं और यह भरोसा दिलाते हैं कि सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही का मुद्दा उठाया जाएगा, तो वह अपना अनशन खत्म कर देंगे।
गीतांजलि ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वांगचुक ने संदेश दिया है कि अगर राजनीतिक दलों के नेता संसद में इस मुद्दे को उठाने का वादा करते हैं, तो वह अपना अनशन खत्म कर देंगे।
जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) कथित नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ और शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही है।
गीतांजलि ने कहा, “अगर राजनीतिक दलों के नेता अस्पताल में सोनम से मुलाकात करते हैं और उन्हें भरोसा दिलाते हैं कि वे मानसून सत्र के दौरान शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही का मुद्दा उठाएंगे, तो वह कल अपना अनशन खत्म कर देंगे।”
उन्होंने सोमवार को प्रस्तावित कॉजपा के ‘चलो संसद’ मार्च से पहले आंदोलन के समर्थकों के लिए शांति और अनुशासन बनाए रखने का वांगचुक का संदेश भी साझा किया।
गीतांजलि ने कहा, “सोनम ने हम सभी से अपील की है कि कल का मार्च शांतिपूर्ण तरीके से निकाला जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदर्शन का किसी गलत उद्देश्य के लिए इस्तेमाल न हो।”
वांगचुक की सेहत को लेकर जारी चिंताओं पर गीतांजलि ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता की हालत स्थिर है।
उन्होंने कहा, “सोनम की सेहत बिल्कुल ठीक है। मैंने उन्हें निजी अस्पताल में स्थानांतरित कराने के लिए उच्च न्यायालय में पूरी कोशिश की, लेकिन मैं सफल नहीं हो सकी।”
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर तीन हफ्ते से अनशन कर रहे वांगचुक को शनिवार तड़के प्रदर्शन स्थल से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया।
गीतांजलि ने कहा है कि वांगचुक अस्पताल में भी अपना अनशन जारी रखे हुए हैं और किसी भी तरह की ड्रिप लेने से इनकार कर रहे हैं।
वहीं, कॉजपा के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि ‘संसद मार्च’ के तय कार्यक्रम से पहले ही लगभग 20,000 लोग जंतर-मंतर और उसके आसपास मौजूद हैं।
दास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “जंतर-मंतर और उसके आसपास 20,000 लोग मौजूद हैं और अभी 20 जुलाई भी नहीं आई है। धर्मेंद्र प्रधान, अब आपकी जवाबदेही का समय आ गया है।”
भाषा
पारुल दिलीप
दिलीप

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