पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का समाधान ‘बातचीत और कूटनीति’ से निकाला जाना चाहिए: राजनाथ सिंह

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का समाधान ‘बातचीत और कूटनीति’ से निकाला जाना चाहिए: राजनाथ सिंह

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का समाधान ‘बातचीत और कूटनीति’ से निकाला जाना चाहिए: राजनाथ सिंह
Modified Date: March 21, 2026 / 07:03 pm IST
Published Date: March 21, 2026 7:03 pm IST

हल्द्वानी, 21 मार्च (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बताते हुए शनिवार को कहा कि भारत का स्पष्ट मत है कि इसका समाधान ‘बातचीत और कूटनीति’ से निकाला जाना चाहिए।

रक्षा मंत्री ने उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार के दूसरे कार्यकाल के चार साल पूरे होने के मौके पर यहां आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि आज पूरी दुनिया एक संकट के दौर से गुजर रही है, जहां पश्चिम एशिया में लगातार हमले हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह भारत के लिए ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक चिंता का विषय है।

सिंह ने कहा, “भारत ने साफ तौर पर अपना पक्ष रखा था और आज भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि इस समय विश्व की सबसे गंभीर समस्या है (पश्चिम एशिया में ) युद्ध और उसका समाधान युद्ध के माध्यम से नहीं बल्कि ‘बातचीत और कूटनीति’ से ही निकलेगा।”

रक्षा मंत्री ने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत कुछ बोलता है तो पूरी दुनिया उसे कान खोलकर सुनती है।

उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में दुनिया का कोई भी देश प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकता और हो सकता है कि भविष्य में भारत में भी ऊर्जा व खाद्य संकट उत्पन्न हो जाए।

सिंह ने हालांकि कहा कि अब तक प्रधानमंत्री ने अपनी योग्यता, क्षमता और सूझबूझ से भारत को उस संकट में फंसने नहीं दिया है लेकिन भविष्य में क्या होगा, कुछ नहीं कहा जा सकता।

उन्होंने कहा कि वह अपील करना चाहते हैं कि प्रधानमंत्री द्वारा वैश्विक स्तर पर उत्पन्न हुए संकट को दूर करने के लिए की जा रही कोशिशों का जनता को भी समर्थन करना चाहिए।

भाषा दीप्ति जितेंद्र

जितेंद्र


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